
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय वाणिज्य दूतावास के कार्यालय में दिखा खालिस्तानी झंडा, जांच में जुटी पुलिस
AajTak
ब्रिसबेन में भारत की कॉन्सुलेट अर्चना सिंह ने 22 फरवरी को कार्यालय में खालिस्तान का झंडा लगा हुआ पाया. सिंह ने तुरंत क्वींसलैंड पुलिस को इसकी सूचना दी. पुलिस ने आकर इस झंडे को जब्त कर लिया और किसी अन्य खतरे की आशंका के बीच भारतीय दूतावास को खाली कराया
भारत में खालिस्तान की मांग को लेकर चल रहे विवाद के बीच खबर है कि ब्रिस्बेन के टारिंगा उपनगर में स्वान रोड पर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास कार्यालय को 21 फरवरी की रात को खालिस्तान समर्थकों द्वारा निशाना बनाया गया था.ऑस्ट्रेलिया टुडे ने ये जानकारी दी है.
ब्रिसबेन में भारत की कॉन्सुलेट अर्चना सिंह ने 22 फरवरी को कार्यालय में खालिस्तान का झंडा लगा हुआ पाया. सिंह ने तुरंत क्वींसलैंड पुलिस को इसकी सूचना दी. पुलिस ने आकर इस झंडे को जब्त कर लिया और किसी अन्य खतरे की आशंका के बीच भारतीय दूतावास को खाली कराया. अर्चना सिंह ने द ऑस्ट्रेलिया टुडे को बताया, “पुलिस हमें सुरक्षित रखने के लिए क्षेत्र की निगरानी कर रही है. हमें पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा है.”
बता दें कि हफ्ते भर पहले ही क्वीन्सलैंड के गायत्री मंदिर को पाकिस्तान से फोन पर धमकी मिली थी. कॉल करने वाले ने मंदिर अध्यक्ष से खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने को कहा था. उसने दावा किया कि वह पाकिस्तान से कॉल कर रहा है. कॉलर ने कहा है कि खालिस्तान जिंदाबाद कहने पर ही शिवरात्रि मनाने की अनुमति होगी. उधर, मेलबर्न के काली मंदिर में खालिस्तानियों की ओर से मंदिर के पुजारी को नई धमकी मिली थी. मंदिर के पुजारी को फोन कर कहा गया है कि मंदिर में भजन और पूजा बंद करें या परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें.
हाल ही में खालिस्तानी आंदोलन का समर्थन करने वाले लोगों द्वारा ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया गया है. इस साल जनवरी में कैरम डाउन्स में शिव विष्णु मंदिर को त्योहार के दौरान तोड़ दिया गया था. पिछले हफ्ते, कनाडा के मिसिसॉगा में एक राम मंदिर को तोड़ दिया गया था. बदमाशों ने इसकी दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे थे.

ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है और ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद ब्रिटेन के सैन्य बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर दो लॉन्ग रेंज मिसाइलों से हमला किया है. हम आपको बता दें कि ईरान से दिएगो गार्सिया की दूरी करीब 4 हजार किलोमीटर है. ईरान ने दिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जिसमे एक को बीच में ही नष्ट करने का दावा किया जा रहा है.

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, लेकिन ईरान ने एक्स्ट्रा तेल होने से इनकार कर दिया. दोनों के दावों से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. दुनियाभर के मुल्क ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अमेरिकी की ओर से छूट मिलने के बाद ईरान का तेल उन्हें मिलेगा. लेकिन, ईरान के बयान से सभी को बड़ा झटका लगा है.

ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी और ब्रिटिश संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर हमला किया है. मध्यपूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ये ईरान का अबतक का सबसे बड़ा हमला है. वहीं ईरान ने ब्रिटेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन अमेरिका को ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने देता है तो इसे सीधे आक्रामक कार्रवाई में भागीदार माना जाएगा.

ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला किया है. मध्यपूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ये ईरान काअबक का सबसे बजड़ा हमला है. डिएगो गारर्सिया बोहद रणनीतिक सैन्य अड्डा है. B-52 बॉम्बर विमान, लंबी दूरी के हमले के हथियार इस बेस पर मौजूद है.









