
ऑस्ट्रिया के स्कूल में भीषण गोलीबारी, हमलावर छात्र समेत 11 लोगों की मौत! क्या थी वजह?
AajTak
ऑस्ट्रिया की एक स्कूल में भीषण गोलीबारी की खबरें हैं. हमले में 11 लोगों के मारे जाने की खबर है जिसमें संदिग्ध हमलावर भी शामिल है.
ऑस्ट्रिया के एक स्कूल में गोलीबारी की एक घटना में 11 लोगों की मौत हो गई है. ऑस्ट्रियाई ब्रॉडकास्टर ओआरएफ ने गृह मंत्रालय के हवाले से बताया कि मंगलवार को दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रिया के ग्राज शहर में एक स्कूल में हुई गोलीबारी में कई लोगों की मौत हो गई, जिसमें संदिग्ध हमलावर भी शामिल है.
शूटर कथित तौर पर एक छात्र है जिसने स्कूल के दो कक्षाओं में गोलियां चलाईं. बाद में वो खुद शौचालय में मृत अवस्था में पाया गया.
इस गोलीबारी के पीछे हमलावर का मकसद क्या था, यह पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है लेकिन संभवतः बुलिंग की वजह से हमला हो सकता है. घटना से जुड़े कई वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं.
ऑस्ट्रियाई पुलिस का कहना है कि स्कूल से गोलीबारी की आवाजें आने के बाद सुबह 10 बजे से ही पुलिस शहर में बड़ा ऑपरेशन चला रही है. ऑस्ट्रियाई ब्रॉडकास्टर के मुताबिक, शूटिंग में कुछ छात्र और शिक्षक बुरी तरह घायल भी हुए हैं. सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल है जिसमें स्कूल के बाहर पुलिस की तैनाती दिख रही है. एक वीडियो में हमले के प्रभावितों को हेलिकॉप्टर से ले जाया जा रहा है.
ऑस्ट्रिया की पुलिस के मुताबिक, जिस इलाके में हमले से प्रभावित सेकेंड्री स्कूल स्थित है, वहां ऑपरेशन चलाया जा रहा है. स्कूल बिल्डिंग की तलाशी ली गई है और पूरे स्कूल की घेराबंदी कर दी गई है.
Krone अखबार के मुताबिक, एक महिला शिक्षक के पति ने बताया कि जब गोलीबारी हो रही थी तब उनकी पत्नी अपने छात्रों के साथ क्लास में थी और उन्होंने कई गोलियां चलने की आवाजें सुनीं.

ईरान में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के चलते इरफान सुलतानी को गिरफ्तार किया गया था. 8 जनवरी को गिरफ्तारी के बाद 11 जनवरी को मुकदमे में वह मोहरेबेह दोषी पाए गए. मोहरेबेह का अर्थ है भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना. इस मुकदमे में उन्हें कोई कानूनी सहायता नहीं मिली और परिवार को केवल 10 मिनट की आखिरी मुलाकात की अनुमति दी गई. इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की सरकार को चेतावनी दी है कि अगर वे प्रदर्शनकारियों को फांसी देंगे तो अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा.

ऑपरेशन सिंदूर के महज चार दिन बाद 14 मई 2025 को शाम 4:59 बजे पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ अपने संबंधों को रीसेट करने की कोशिश की थी, जिसमें वह काफी हद तक कामयाब भी रहा. पाकिस्तान की इस कोशिश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूर्व अमेरिकी राजदूत पॉल डब्ल्यू. जोन्स की ओर से विदेश विभाग को भेजा गया एक खास ईमेल था. इस ईमेल के जरिए पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसीम मुनीर की आगामी वाशिंगटन यात्रा के एजेंडे और रणनीतिक बिंदुओं पर चर्चा की थी.

अमेरिका ने ईरान पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाकर एक बड़ा आर्थिक हमला किया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस नई नीति का असर भारत समेत करीब 147 देशों पर पड़ेगा जो ईरान के साथ व्यापार करते हैं. ईरान तेल और गैस समेत कई उत्पादों का बड़ा निर्यातक है और ओपेक देश भी है. भारत और ईरान के बीच व्यापार पिछले पांच सालों में 84 प्रतिशत तक गिर चुका है. भारत मुख्य रूप से ईरान को बासमती चावल, चाय, चीनी, दवाइयां और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्यात करता है, जबकि ईरान से सूखे मेवे और केमिकल्स आयात करता है.










