
एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन पर 7 दिन में 12 देशों में रोक, WHO ने कहा- वैक्सीनेशन पर असर नहीं
AajTak
यूरोप के कुछ देशों में एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी गई है, जिसके बाद दुनियाभर में चिंताएं भी बढ़ रही हैं. वैक्सीन लगने के बाद खून का थक्का जमने के कुछ गंभीर मामले सामने आए हैं, जिसके बाद जर्मनी-फ्रांस और इटली जैसे बड़े देशों ने वैक्सीन के इस्तेमाल को रोक दिया है.
कोरोना से जूझ रही दुनिया में इस वक्त वैक्सीनेशन का काम तेज रफ्तार से चल रहा है. लेकिन यूरोप के कुछ देशों में एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी गई है, जिसके बाद दुनियाभर में चिंताएं भी बढ़ रही हैं. वैक्सीन लगने के बाद खून का थक्का जमने के कुछ गंभीर मामले सामने आए हैं, जिसके बाद जर्मनी-फ्रांस और इटली जैसे बड़े देशों ने वैक्सीन के इस्तेमाल को रोक दिया है.अबतक किन देशों ने लगाई रोक... एस्ट्रेजेनेका की वैक्सीन का इस्तेमाल दुनिया के कई देशों द्वारा किया जा रहा है. लेकिन यूरोप के कुछ देशों में इस वैक्सीन के लगने के बाद लोगों में खून का थक्का जमने के कुछ मामले सामने आए थे, जिसके बाद कई चिंताएं खड़ी हुईं. पहले नीदरलैंड ने इस वैक्सीन के इस्तेमाल पर अस्थाई रोक लगा दी. लेकिन पिछले एक हफ्ते में देखते ही देखते करीब एक दर्जन देशों ने इस वैक्सीन का इस्तेमाल रोक दिया. अभी तक आयरलैंड, नीदरलैंड, नार्वे, डेनमार्क, आइसलैंड, कांगो, बुल्गारिया, जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन ऐसे देश हैं, जिन्होंने अस्थाई रूप से एस्ट्रेजेनेका की वैक्सीन पर रोक लगा दी है. कई यूरोपीय देशों ने एस्ट्रेजेनेका की वैक्सीन को पैसों की बर्बादी बताया है. इन देशों के द्वारा वैक्सीन पर अस्थाई रोक लगने के बाद अब यूरोपियन मेडिकल एजेंसी (EMA) ने गुरुवार को एक बड़ी बैठक बुलाई है. जिसमें यूरोपियन देशों में एस्ट्रेजेनेका के इस्तेमाल को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है. WHO ने पूरे विवाद पर क्या कहा... विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि कई देशों में एस्ट्राजेनेका के अस्थाई बैन के बावजूद दुनिया में वैक्सीनेशन का काम तेजी से चल रहा है. WHO का कहना है कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को WHO के को-वैक्स मिशन के द्वारा कई देशों में भेजा जा रहा है. जो देश आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें मुफ्त में ये वैक्सीन दी जा रही है. हालांकि, WHO ने साफ कर दिया है कि यूरोपीय देशों में जो वैक्सीन की दिक्कत आ रही है, वो यूरोपीय मैन्युफैक्चर द्वारा तैयार की जा रही एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की दिक्कत है. ऐसे में WHO जो को-वैक्स के जरिए वैक्सीन दे रहा है, उसमें कोई शिकायत नहीं है. WHO ने कहा है कि को-वैक्स के तहत जो एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन दी जा रही है, वो भारत और साउथ कोरिया में बनाई जा रही है, जो पूरी तरह से सुरक्षित है. आपको बता दें कि भारत में एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का निर्माण पुणे का सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रहा है, जो भारत में कोविशील्ड नाम से वैक्सीन बनाई जा रही है. सीरम इंस्टीट्यूट की गिनती दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माताओं में होती है, यही कारण है कि दुनिया उम्मीद लगाकर भारत को देख रही है.
अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 25वां दिन है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य हमले भी थम नहीं रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिन हमला ना करने का दावा किया लेकिन अब IRGC ने दावा किया है कि ईरान के 2 ऊर्जा ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत की और उसके बाद कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस हमलों के बीच ये युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बेहद मजबूत बातचीत हुई है और करीब करीब सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उन्होंने ये भी कहा है कि विटकॉफ और कुश्नर बातचीत कर रहे हैं. अगर इसी तरह बातचीत चली तो युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि मजबूत बातचीत रही लेकिन ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हुई जब ट्रंप से पूछा गया कि विटकॉफ और कुशनर किससे बातचीत कर रहे हैं तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे अधिक सम्मानित और नेता मानता हूं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खुमेनेई हैं तो ट्रंप ने कहा कि नहीं- वो सुप्रीम लीडर नहीं है, हमें ये भी नहीं पता कि वो जीवित हैं या नहीं.

टायर सिटी में IDF के हमलों में 12 की मौत, बेरूत से टूटा कनेक्शन... लेबनान से आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट
IDF ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में चार अलग-अलग जगहों पर बमबारी की. पिछले रात हुए इन हमलों में 12 और लोगों की मौत की खबर है. IDF दक्षिण लेबनान में तेजी से अपने जमीनी सैनिकों को आगे बढ़ा रहा है,

ईरान ने दावा किया है कि असने अमेरिकी ड्रोन लुकास को मार गिराया है. ईरान न्यूज एजेंसी ने ड्रोन की तस्वीरें भी साझा की. जहां एक तरफ ईरान अमेरिका में शांति वार्ता की बातचीत चल रही है वहा यूएस-ईरान के हमले भी जारी है. वहीं कोलंबिया के अमेजन इलाके में एक विमान हादसा हो गया. इस हादसे में 66 लोगों की मौत हो गई है.










