
एपस्टीन फाइल्स में ब्रिटेन के PM का नाम नहीं, लेकिन बोले- मैं तहे दिल से माफी...
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने जेफरी एपस्टीन के यौन शोषण मामले में पीड़ितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है और सत्ता में बैठे कई लोगों की विफलता को स्वीकार किया है. उन्होंने विशेष रूप से पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति के लिए खेद जताया, जिन्हें नए सबूतों के आधार पर बर्खास्त किया गया. स्टार्मर ने कहा कि धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही से कोई ऊपर नहीं है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने जेफरी एपस्टीन के यौन शोषण मामले में पीड़ितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है. उन्होंने स्वीकार किया कि सत्ता में बैठे कई लोग पीड़ितों की रक्षा करने में विफल रहे. स्टार्मर ने विशेष रूप से पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति के लिए खेद जताया, जिन्होंने एपस्टीन के साथ अपने संबंधों के बारे में झूठ बोला था. नए सबूतों के आधार पर मैंडेलसन को पद से बर्खास्त कर दिया गया है. ब्रिटेन के पीएम ने एपस्टीन यौन शोषण मामले में पीड़ितों से माफी मांगते हुए एक बयान जारी करते हुए गुरुवार को कहा, 'एपस्टीन के पीड़ितों ने ऐसी पीड़ा सही है, जिसे ज्यादातर लोग समझ भी नहीं सकते और उन्हें न्याय भी नहीं मिला. आपके साथ जो हुआ, उसके लिए मैं माफी मांगना चाहता हूं.'
'मैं माफी मांगना चाहता हूं'
उन्होंने ये भी कहा कि मैं माफी मांगता हूं कि सत्ता में बैठे इतने लोगों ने आपको निराश किया. मैं माफी मांगता हूं कि मैंने मैंडेलसन के झूठ पर विश्वास किया और उन्हें अमेरिका में उन्हें ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया. किएर ने दावा किया कि मैंडेलसन ने उन्हें एपस्टीन के साथ अपने संबंधों के बारे में झूठ बोला था और अब नए सबूत सामने आने के बाद उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया.
'धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं' प्रधानमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सार्वजनिक सेवा में इस तरह के धोखे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति जवाबदेही से ऊपर नहीं है, चाहे वह कितना भी रसूखदार या वरिष्ठ क्यों न हो. स्टार्मर ने कहा कि जो व्यक्ति ईमानदारी की बुनियादी कसौटी पर खरा नहीं उतर सकता, उसे सार्वजनिक पद पर रहने का कोई हक नहीं है. उन्होंने लोगों के गुस्से को जायज ठहराते हुए कहा कि वे खुद इस धोखे से काफी नाराज हैं.
'मैं सार्वजनिक करने वाला था डॉक्यूमेंट' स्टार्मर संबंधित दस्तावेजों को तुरंत जारी करना चाहते थे, लेकिन पुलिस की सलाह पर उन्हें फिलहाल रोक दिया गया है. उन्होंने कहा कि मैं उन्हें कल ही जारी करना चाहता था और प्रधानमंत्री के प्रश्नकाल में उन पर चर्चा करना चाहता था, लेकिन पुलिस ने सलाह दी है कि कुछ जानकारी अभी जारी करने से भविष्य की जांच या कानूनी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और ये मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से कितना भी निराशाजनक क्यों न हो, मैं ऐसा कोई कदम नहीं उठाऊंगा, चाहे वह राजनीतिक रूप से कितना भी लुभावना हो या लोकप्रिय हो, जिससे पीड़ितों के लिए न्याय खतरे में पड़ जाए. पुलिस का कहना है कि कुछ सूचनाओं को अभी सार्वजनिक करने से भविष्य की कानूनी प्रक्रिया या जांच प्रभावित हो सकती है.

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