
'एक रॉकेट के बदले एक बंधक को सरेआम फांसी पर लटका देंगे', हमास की इजरायल को चेतावनी
AajTak
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच जंग के दौरान आतंकी संगठन हमास के प्रवक्ता अबू ओबेदा ने बयान जारी कर कहा है कि गाजापट्टी पर इजरायल की ओर से दागे गए एक रॉकेट के बदले में फिलिस्तीन में इजरायल के एक बंधक को सार्वजनिक तौर पर मौत के घाट उतारा जाएगा.
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच दशकों से चली आ रही जंग अब एक बार फिर आक्रामक हो गई है. सात अक्टूबर को फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर लगभग 5000 रॉकेट दागे थे, जिसके बाद अब दोनों तरफ से हमले का दौर भयावह रूप ले चुका है. ऐसे में हमास ने एक दिल दहला देने वाली धमकी दी है.
जंग के बीच हमास प्रवक्ता अबू ओबेदा ने बयान जारी कर कहा है कि गाजापट्टी पर इजरायल की ओर से दागे गए एक रॉकेट के बदले में फिलिस्तीन में इजरायल के एक बंधक को सार्वजनिक तौर पर मौत के घाट उतारा जाएगा.
हमास का कहना है कि गाजापट्टी पर इजरायल की ओर से दागे गए एक रॉकेट के बदले होने वाली एक इजरायली बंधक की फांसी की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी और बाद में उन वीडियो को ऑनलाइन पोस्ट किया जाएगा.
बता दें कि इजरायल और फिलिस्तीन कई इस जंग में अब तक इजरायल के लगभग 1100 लोगों की मौत हो चुकी है. इजरायल और हमास आतंकियों के बीच भीषण जंग छिड़ी हुई है. दोनों ओर से हमले जारी हैं. इस जंग की शुरुआत हमास के आतंकियों ने की थी, जिसके बाद इजरायल ने जबरदस्त पलटवार किया. इजरायल ने हमास आतंकियों के कई ठिकानों को तबाह कर दिया.
आतंकी संगठन हमास ने गाजा पट्टी से शनिवार को इजरायल पर अचानक हजारों रॉकेट दाग दिए थे. इसके अलावा हमास के आतंकियों ने हवा, जमीन और समुद्री सीमा से घुसकर आम नागरिकों पर हमला किया था. हमास के इन हमलों में करीब 700 नागरिक मारे गए हैं. इन हमलों में चार अमेरिकी नागरिकों की भी मौत हो गई. व्हाइट हाउस ने कहा, इन हमलों में कई अमेरिकी नागरिक मारे गए हैं. ऐसे में अमेरिका ने इजरायल को समर्थन देते हुए कई बड़े कदम उठाए हैं. साथ ही अन्य देशों को इस संघर्ष से दूर रहने की चेतावनी दी है.

अमेरिका ने 21 जनवरी से 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर अनिश्चितकालीन रोक लगाकर सख्ती बढ़ा दी है. हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में पाकिस्तान-बांग्लादेश के साथ कुवैत, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देश भी शामिल हैं. इस फैसले ने मानदंडों को लेकर विशेषज्ञों और प्रवासियों के बीच नई बहस छेड़ दी है.

ग्रीनलैंड में अमेरिका और नाटो देश अब सीधे आमने सामने आ गए हैं. ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अपनी सेनाएं भेजनी शुरू कर दी है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार के बयानों के बाद उठाया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस की सेना का पहला दस्ते पहले ही रवाना हो चुका है और आगे और सैनिक भेजे जाएंगे.

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई है. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी अधिकारियों के हाथों इस नागरिक की जान गई है. कनाडा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी शासन की निंदा की है और नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा को तत्काल रोकने की मांग की है.

अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के हिंसक दमन के आरोप में ईरानी सुरक्षा अधिकारियों और तेल से जुड़े शैडो बैंकिंग नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इन नेटवर्कों के जरिए अरबों डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी. कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की अधिकतम दबाव नीति का हिस्सा है.

अमेरिका ने कैरिबियन सागर में वेनेजुएला-संबंधित तेल टैंकर Veronica को जब्त कर लिया है, जो पिछले कुछ हफ्तों में छठा लक्ष्य बना है. यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रम्प और विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो के बैठक से पहले हुई. अमेरिकी सेना का कहना है कि टैंकर प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था और अब सिर्फ कानूनी रूप से तेल ही निकलेगा.








