
एंडगेम बॉम्बर... ट्रंप का गुप्त न्यूक्लियर हथियार आ गया सामने, रूस-चीन के लिए चेतावनी
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ट्रंप का गुप्त न्यूक्लियर हथियार अब सामने आ गया है. कैलिफोर्निया में इसकी पहली झलक मिली. ये 2500 किमी रेंज वाली क्रूज मिसाइल B-52 और B-21 बॉम्बर से छोड़ी जाती है. 150 किलोटन यील्ड, GPS गाइडेंस और रडार-डॉजिंग डिजाइन है. रूस-चीन को चेतावनी के लिए बनाई गई है. 2030 तक पुरानी मिसाइलें बदलेंगी. ये मिसाइल तैनात की जाएगी.
एक ऐसी मिसाइल जो दुश्मन की नजरों से बचकर चुपके से हमला कर दे. ये अमेरिका की नई AGM-181 LRSO मिसाइल है. इसे लॉन्ग रेंज स्टैंड-ऑफ भी कहते हैं. हाल ही में कैलिफोर्निया में एक प्लेनस्पॉटर ने इसे पहली बार पकड़ा. पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) ने इसे गुप्त रखा था, लेकिन अब ये राज खुल गया.
LRSO एक क्रूज मिसाइल है, जो हवा से छोड़ी जाती है. ये न्यूक्लियर हथियार ले जाती है. इसका मतलब? ये दूर से ही दुश्मन के इलाके में घुसकर धमाका कर सकती है, बिना किसी लड़ाकू विमान को खतरे में डाले. पुरानी AGM-86B मिसाइल को ये बदलने वाली है, जो 1982 से इस्तेमाल हो रही है.
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ट्रंप के समय (2017-2021) इसका विकास तेज हुआ. रेथियन कंपनी ने इसे बनाया. अभी ये टेस्टिंग में है. 2030 तक ये पूरी तरह तैयार हो जाएगी. पहली बार जून 2025 में इसका चित्र जारी हुआ. ये B-52 बॉम्बर के नीचे लटकी दिखी. जल्द ही ये B-21 रेडर (अमेरिका का नया स्टेल्थ बॉम्बर) पर भी तैनात होगी.
संदेश साफ है: रूस और चीन को चेतावनी – कि अमेरिका की ताकत बढ़ गई.

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