
उपेंद्र कुशवाहा को केंद्र ने दो महीने में दे दी Z कैटेगरी की सुरक्षा, क्या नीतीश को कमजोर करने की हो रही तैयारी?
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय लोक जनता दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की सुरक्षा बढ़ा दी है. जेडीयू से अलग होने के बाद मार्च में केंद्र ने उन्हें वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दे दी थी. अब दो महीने बाद केंद्र ने सुरक्षा का घेरा बढ़ाते हुए उन्हें जेड सुरक्षा दे दी. हालांकि केंद्र की तरफ से उन्हें ऐसी सुरक्षा देना के पीछे कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.
राष्ट्रीय लोक जनता दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बढ़ा दी है. सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसी आईबी की थ्रेट रिपोर्ट के आधार पर उनकी यह सुरक्षा बढ़ाई गई है. उन्हें Z कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है. इससे पहले MHA ने बिहार के नेता चिराग पासवान को Z कैटेगरी की सुरक्षा और VIP पार्टी के नेता मुकेश सहनी को Y+कैटेगरी की सुरक्षा दी जा चुकी है. कुशवाहा की सुरक्षा में CRPF के कमांडो तैनात रहेंगे. उन्हें बिहार और दिल्ली में यह सुरक्षा दी जाएगी.
Z श्रेणी की सुरक्षा में कुल 33 सुरक्षागार्ड तैनात होते हैं. इसके अलावा आर्म्ड फोर्स वीआईपी को सुरक्षा देते हैं. वहीं 10 आर्म्ड स्टैटिक गार्ड वीआईपी के घर पर तैनात रहते हैं. इधर 6 राउंड द क्लॉक पीएसओ, 12 तीन शिफ्ट में आर्म्ड स्कॉर्ट के कमांडो, 2 वॉचर्स शिफ्ट में और 3 ट्रेंड ड्राइवर राउंड द क्लॉक मौजूद रहते हैं.
उपेंद्र कुशवाहा ने 20 अप्रैल को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. दोनों के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई थी. जदयू से अलग होने के बाद और लोकसभा चुनाव 2024 और विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कुशवाहा की अमित शाह से मुलाकात के कई मायने निकाले गए. कहा गया कि दोनों के बीच एनडीए में वापसी और सीट बंटवारे पर चर्चा हुई. इस मुलाकात के दौरान बिहार बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल और रालोजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव माधव आनंद भी मौजूद थे. इसी बीच गृह मंत्रालय ने उन्हें जेड कैटेगरी की सुरक्षा दे दी.
20 फरवरी को उपेंद्र कुशवाहा ने जदयू से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय लोक जनता दल नाम की एक नई पार्टी बना ली थी. इसी के बाद आईबी की रिपोर्ट के आधार पर गृह मंत्रालय ने मार्च में उनकी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई थी. गृह मंत्रालय ने उन्हें वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी थी. उस समय भी उन्हें सुरक्षा मिलने पर कई सियासी मायने निकाले गए थे. कुशवाहा के बीजेपी में जाने की अटकलें लगने लगी थीं.

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