
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा से पहले पढ़ लें सड़क सुरक्षा के ये नियम, परिवहन विभाग ने तैयार किया खाका
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अधिकारियों को स्पीड निर्धारण की ट्रेनिंग दी गई है ताकि वे स्वयं सर्वे कर गति सीमा तय कर सकें. जगह-जगह स्पीड लिमिट के बोर्ड लगाए गए हैं और अन्य आवश्यक छोटे-छोटे कार्यों को भी समय पर पूरा किया जा रहा है. यात्रा इस बार 30 अप्रैल से शुरू होगी. गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट इसी दिन खुलेंगे, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई और बद्रीनाथ के 12 मई को खोले जाएंगे.
चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले परिवहन विभाग ने व्यवसायिक वाहनों के चालकों और परिचालकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य यात्रा मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इस बार यात्रा मार्ग पर वाहन चलाते समय चप्पल पहनने पर रोक लगा दी गई है.
चालकों को जूते या बूट पहनकर ही वाहन चलाने की अनुमति होगी. सड़क सुरक्षा नियमों के तहत मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177A के तहत सामान्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान किया गया. परिवहन विभाग के अनुसार, हर वाहन में फर्स्ट एड किट अनिवार्य रूप से रखनी होगी.
दोपहिया वाहनों पर दोनों लोगों के लिए हेलमेट अनिवार्य
इसके अलावा दोपहिया चालक और परिचालक दोनों के लिए हेलमेट पहनना भी जरूरी किया गया है. सभी व्यवसायिक वाहनों का पंजीकरण, फिटनेस, बीमा और परमिट के दस्तावेज पूरे होने चाहिए. वाहन खड़ा करने के लिए सुरक्षित स्थान का चयन करें और खड़ी गाड़ी में हैंडब्रेक तथा टायर चॉक का उपयोग अनिवार्य होगा.
वाहन के पीछे त्रिकोणीय रेडियम बोर्ड लगाना भी आवश्यक कर दिया गया है, ताकि रात के समय दुर्घटनाओं से बचा जा सके. साथ ही, किसी भी वाहन में निर्धारित सीमा से अधिक यात्री नहीं बैठाए जा सकेंगे. इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित चालक का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है.
ओवरस्पीड, रेस ड्राइविंग और ओवरलोडिंग पर निगरानी

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