
ईसाइयों पर हो रहे हमले को लेकर लड़ाई छेड़ेंगे ट्रंप, युद्ध मंत्रालय से कहा- फास्ट मिलिट्री एक्शन के लिए तैयार रहो!
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अमेरिका अब नाइजीरिया में जंग का नया मोर्चा खोल सकता है. राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके संकेत दे दिए हैं. उन्होंने कहा है कि कुछ अफ्रीकी देशों में ईसाइयों की लगातार हत्या हो रही है. नाइजीरिया ने कहा कि यदि उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाता है तो वह कट्टरपंथी इस्लामिक तत्वों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का स्वागत करेगा.
नाइजीरिया में जल्द ही अमेरिका हवाई हमले कर सकता है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईसाइयों की हत्या कर रहे आतंकवादियों के खात्मे के लिए उनके दिमाग में कई योजनाएं हैं. इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि ईसाई धर्म नाइजीरिया में अस्तित्व का खतरा झेल रहा है. हजारों ईसाई मारे जा रहे हैं. रैडिकल इस्लामिस्ट इस सामूहिक हत्याकांड के जिम्मेदार हैं."
ट्रंप ने कहा संकेत दिया है कि वे नाइजीरिया के कुछ ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर सकते हैं या अमेरिकी सेना भेज सकते हैं.
फ्लोरिडा में वीकएंड बिताने के बाद रविवार शाम को वाशिंगटन लौटते समय एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने 'युद्ध विभाग को संभावित तेज सैन्य कार्रवाई (Fast military action) के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है.
यह पूछे जाने पर कि क्या वह नाइजीरिया में जमीनी स्तर पर सैनिकों की तैनाती अथवा हवाई हमले की कल्पना कर रहे हैं तो ट्रंप ने कहा, "हो सकता है. मेरा मतलब है, कई चीजें हैं, मैं बहुत सी चीजों की कल्पना करता हूं. वे नाइजीरिया में रिकॉर्ड संख्या में ईसाइयों को मार रहे हैं. वे ईसाइयों को मार रहे हैं और बहुत बड़ी संख्या में. हम ऐसा नहीं होने देंगे."
इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने नाइजीरिया को दी जाने वाली सहायता रोकने की धमकी दी थी और चेतावनी दी थी कि अगर अफ्रीका का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश अपनी ईसाई आबादी की रक्षा करने में नाकाम रहा, तो अमेरिका 'सैन्य कार्रवाई' कर सकता है. उन्होंने व्यापक हिंसा के लिए "कट्टरपंथी इस्लामिक तत्वों" को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "नाइजीरिया में ईसाई धर्म वजूद का खतरा झेल रहा है."
ट्रंप ने नाइजीरिया को अमेरिकी विदेश विभाग की "विशेष चिंता वाले देशों" की सूची में शामिल करने की घोषणा की. अमेरिका इस सूची में उन देशों को शामिल करता है जो अमेरिका के अनुसार धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करते हैं. इस लिस्ट में अमेरिका ने चीन, म्यांमार, उत्तर कोरिया, रूस और पाकिस्तान को शामिल किया है.

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