
'ईरान पर हमले के लिए अपना एयरस्पेस नहीं देंगे', अब सऊदी अरब ने अमेरिका को दिया जोर का झटका
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बरकरार है. आशंका है कि अमेरिका कभी भी ईरान पर हमला कर सकता है. इस बीच सऊदी अरब ने कहा कि वह अपने इलाके को ईरान पर किसी भी हमले के लिए लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देगा.
ईरान से टकराव के बीच अमेरिकी जंगी जहाज और युद्धपोत मिडिल ईस्ट में एंट्री कर चुके हैं. आशंका है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कभी भी ईरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं. ऐसे में ईरान के पड़ोसी मुल्कों में भी खलबली मची है. इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बाद अब सऊदी अरब ने अमेरिका को झटका दिया है.
सऊदी अरब ने कहा है कि तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए किसी भी मुल्क को अपने हवाई क्षेत्र या जमीन के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देगा. इस संबंध में सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फोन पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से बात की है.
सऊदी अरब ने ईरान को आश्वासन दिया कि वह अपने क्षेत्र को अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ किसी भी सैन्य हमले के लिए लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देगा. सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, क्राउन प्रिंस ने मंगलवार देर रात ईरानी राष्ट्रपति से बात की.
बातचीत के दौरान सऊदी अरब ने ईरान की संप्रभुता के सम्मान को लेकर अपने रुख की पुष्टि की. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सऊदी अरब अपने हवाई क्षेत्र या जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी पक्ष द्वारा किए जाने वाले हमले के लिए, चाहे उसका लक्ष्य कहीं भी हो, अनुमति नहीं देगा.
इससे पहले यूएई के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि उनका देश अपने हवाई क्षेत्र, जमीन या समंदर का उपयोग ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं होने देगा. मंत्रालय ने क्षेत्रीय स्थिरता और तटस्थता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया.
दरअसल, ईरान के खिलाफ अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और वॉरशिप मिडिल ईस्ट में पहुंच चुका है. अमेरिकी नेवी का अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप सोमवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के इलाके में पहुंचा.

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