
इस फॉर्मूले से लें लोन...कभी बोझ नहीं बनेगी EMI, कर पाएंगे हर महीने बचत
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अक्सर लोन की EMI लेगों पर बोझ बन जाती है. इसे भरने के दबाव में वो सेविंग नहीं कर पाते हैं. लेकिन अगर आप लोन लेने से पहले इस फॉर्मूले का इस्तेमाल करेंगे, तो हो सकता है कि आपके लिए EMI भरना आसान हो जाए.
कार...दुकान और मकान बैंक सभी के लिए लोन मुहैया कराते हैं. लोन के लिए क्रेडिट स्कोर (Credit Score) बहुत मायने रखत है. अगर आपका क्रेडिट स्कोर बेहतरीन है, तो बैंक आपको तुरंत लोन देने के लिए तैयार हो जाते हैं. लेकिन लोन लेने के बाद आपको उसे चुकाना भी होता है. आप हर महीने EMI के रूप में लोन चुकाते हैं. EMI आपके कर्ज की राशि पर निर्भर करेगी. आप जितना लंबे समय के लिए लोन लेंगे आपको उतना अधिक ब्याज चुकाना होगा. अक्सर बड़े लोन की EMI लंबे समय तक चुकानी पड़ती है. इसलिए लोन हमेशा अपनी कमाई को कैलकुलेट करने ही लेना चाहिए...ताकी आप आसानी से हर महीने उसकी EMI भर सकें.
अपने खर्च का लगाएं हिसाब-किताब
आप हर महीने EMI के रूप में कितनी राशि भर सकते हैं. इसका अनुमान लगाने के लिए सबसे पहले अपने खर्चों का कैलकुलेशन कर लें. अगर किराये के घर में रहते हैं, तो उसका रेंट, राशन, बच्चों की स्कूल फीस और कुछ इमरजेंसी के लिए अतिरिक्त पैसे को मिलाकर अपना बजट तैयार कर लें. इसके बाद जो आपके पास पैसे बचेंगे उससे ये अनुमान लगाना आसान हो जाएगा कि आप कितनी EMI भर पाएंगे. इस बात का खास ध्यान रखें कि लोन उतना ही लें, जिसकी EMI आप आसानी से भर सकें.
इनकम के मुकाबले कितनी होनी चाहिए EMI?
किसी भी व्यक्ति की कमाई का कितना हिस्सा EMI में जाना चाहिए इसका अनुमान आप डेट टू इनकम (DTI) रेश्यो कैलकुलेट करके भी लगा सकते हैं. इसे पता चल जाएगा कि इनकम का कितना फीसदी हिस्सा लोन चुकाने पर खर्च होता है. आमतौर माना जाता है कि किसी का भी डेट टू इनकम रेश्यो 35 से 40 फीसदी तक ही होना चाहिए. मान लीजिए अगर आपकी महीने की कमाई 40 हजार रुपये है, तो EMI 14,000 से 16,000 रुपये के बीच होनी चाहिए. हालांकि, अपने हिसाब से इसमें बदलाव कर सकते हैं.
सेविंग से समझौता न करें

NCERT ने 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए ई-मैजिक बॉक्स ऐप लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म पर बच्चे मोबाइल या कंप्यूटर से पढ़ सकते हैं और नई-नई चीजें सीख सकते हैं. इसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्ट बॉट है, जो बच्चों की पढ़ाई में मदद करता है और उनके सवालों का आसान जवाब देता है. इसके साथ ही इसमें खेल-खेल में सीखने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं.












