
'इससे शांति कायम नहीं होगी...', सीमा पर भारतीय सैनिकों की बढ़ती संख्या से तमतमाया चीन
AajTak
चीन जो करता था, अब भारत उसे उसी अंदाज में जवाब भी दे रहा है, जिसकी वजह से ड्रैगन को मिर्ची लगी हुई है. हिमालयी क्षेत्र से सटी सीमा पर भारतीय सैनिकों की बढ़ती संख्या पर चीन की प्रतिक्रिया आई है. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत के इस कदम से सीमा पर तनाव कम करने में मदद नहीं मिलेगी.
सीमा पर भारतीय सैनिकों की ज्यादा मौजूदगी से चीन बौखलाया हुआ है. चीनी विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में एक बयान जारी करते हुए कहा है कि हिमालयी सीमा पर भारतीय सैनिकों की बड़ी संख्या में तैनाती से तनाव कम नहीं होगा. एजेंसी के मुताबिक, चीनी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि विवादित सीमा पर और अधिक सैनिक तैनात करने का भारत का फैसला 'तनाव कम करने के लिए अनुकूल नहीं है.'
विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,भारत ने अपनी पश्चिमी सीमा पर मौजूद अपने 10 हजार सैनिकों को हटाकर उन्हें LAC के नजदीक तैनात किया है. दोनों देश पहले सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने पर सहमत हुए हैं. हाल ही में चीन-भारत सीमा के पश्चिमी सेक्शन में सीमा मुद्दों को हल करने पर एक रचनात्मक बैठक की है.
यह भी पढ़ें: भारत चीन सीमा पर भी नये साल का जश्न, दोनों सेनाओं ने एक दूसरे को दिए उपहार
भारत ने तैनात किए 10 हजार सैनिक
भारतीय मीडिया के अनुसार, भारत ने हिमालय से लगे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में चीन के साथ सटी 532 किमी (331 मील) सीमा की रक्षा के लिए अपनी पश्चिमी सीमा से 10,000 सैनिकों को तैनात किया है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, "चीन सीमावर्ती क्षेत्रों की शांति और स्थिरता की रक्षा के लिए भारत के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है. हम मानते हैं कि भारत की प्रैक्टिस शांति की रक्षा के लिए अनुकूल नहीं है और तनाव कम करने के अनुकूल भी नहीं है."
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 25वां दिन है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य हमले भी थम नहीं रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 दिन हमला ना करने का दावा किया लेकिन अब IRGC ने दावा किया है कि ईरान के 2 ऊर्जा ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया. इस बीच इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ट्रंप से बातचीत की और उसके बाद कहा कि ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस हमलों के बीच ये युद्ध भीषण रूप लेता जा रहा है. जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बेहद मजबूत बातचीत हुई है और करीब करीब सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उन्होंने ये भी कहा है कि विटकॉफ और कुश्नर बातचीत कर रहे हैं. अगर इसी तरह बातचीत चली तो युद्ध खत्म हो सकता है. ट्रंप दावा कर रहे हैं कि मजबूत बातचीत रही लेकिन ईरान का कहना है कि कोई बातचीत नहीं हुई जब ट्रंप से पूछा गया कि विटकॉफ और कुशनर किससे बातचीत कर रहे हैं तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम उस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, जिसे मैं सबसे अधिक सम्मानित और नेता मानता हूं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो नेता ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खुमेनेई हैं तो ट्रंप ने कहा कि नहीं- वो सुप्रीम लीडर नहीं है, हमें ये भी नहीं पता कि वो जीवित हैं या नहीं.

टायर सिटी में IDF के हमलों में 12 की मौत, बेरूत से टूटा कनेक्शन... लेबनान से आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट
IDF ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में चार अलग-अलग जगहों पर बमबारी की. पिछले रात हुए इन हमलों में 12 और लोगों की मौत की खबर है. IDF दक्षिण लेबनान में तेजी से अपने जमीनी सैनिकों को आगे बढ़ा रहा है,

ईरान ने दावा किया है कि असने अमेरिकी ड्रोन लुकास को मार गिराया है. ईरान न्यूज एजेंसी ने ड्रोन की तस्वीरें भी साझा की. जहां एक तरफ ईरान अमेरिका में शांति वार्ता की बातचीत चल रही है वहा यूएस-ईरान के हमले भी जारी है. वहीं कोलंबिया के अमेजन इलाके में एक विमान हादसा हो गया. इस हादसे में 66 लोगों की मौत हो गई है.










