
इमिग्रेशन में कटौती के बावजूद छात्रों की पहली पसंद कनाडा! UK से कहीं ज्यादा आसान है PR का रास्ता
AajTak
इमिग्रेशन में कटौती और सख्त नियमों के बावजूद, कनाडा में पढ़ाई के बाद काम करने और फिर स्थायी निवास पाने का रास्ता अब भी UK के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान और तेज है. यही वजह है कि स्टडी-टू-इमिग्रेट के मामले में कनाडा ने यूनाइटेड किंगडम को पीछे छोड़ दिया है.
पढ़ाई के ज़रिए विदेश में बसने का सपना देखने वाले लोगों के लिए कनाडा अब यूनाइटेड किंगडम (UK) से ज्यादा आसान और सीधा विकल्प बनकर उभरा है. हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, “स्टडी-टू-इमिग्रेट” यानी पढ़ाई के बाद स्थायी निवास पाने के मामले में कनाडा ने UK को पीछे छोड़ दिया है.
पिछले कुछ सालों में दुनिया के कई देशों की तरह कनाडा और UK दोनों ने इमिग्रेशन नियमों में सख्ती की है. जनसंख्या दबाव, आवास संकट और जनभावना में बदलाव के चलते सरकारें इमिग्रेशन कम करने के फैसले ले रही हैं. इसके बावजूद, पढ़ाई के बाद स्थायी रूप से बसने के लिहाज़ से कनाडा का सिस्टम आज भी ज्यादा साफ, तेज और भरोसेमंद माना जा रहा है.
कनाडा में पढ़ाई के बाद PR तक जल्दी पहुंच
कनाडा में उच्च शिक्षा पूरी करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्र ग्रेजुएट होने के महज एक साल के अंदर ही देश के प्रमुख स्थायी निवास कार्यक्रमों के लिए पात्र हो सकते हैं. इसके उलट, UK में छात्रों को स्थायी निवास पाने के लिए कम से कम 5 साल इंतज़ार करना पड़ता है और सरकार इसे 10 साल तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है.
कनाडा में स्थायी निवास को Permanent Residence (PR) कहा जाता है, जबकि UK में इसे Indefinite Leave to Remain (ILR) कहा जाता है. दोनों ही देशों में यह दर्जा मिलने के बाद व्यक्ति को अनिश्चित समय तक रहने और काम करने की कानूनी अनुमति मिल जाती है. हालांकि, स्थायी निवास कहीं भी गारंटी नहीं होता, लेकिन कनाडा में यह रास्ता UK के मुकाबले ज्यादा सीधा और तेज़ है.
पढ़ाई के बाद काम करने में भी कनाडा आगे

यमन में राजनीतिक समाधान की कोशिशों के बीच सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने दक्षिणी धाले प्रांत में हवाई हमले किए हैं. गठबंधन का कहना है कि ये हमले अलगाववादी साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के खिलाफ किए गए, जब उसके प्रमुख ऐदारूस अल-जुबैदी रियाद वार्ता के लिए तय उड़ान में सवार नहीं हुए और फरार हो गए.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान इस कदर खौफ में था कि उसे किसी तरह भी इस जंग को रुकवाना था. इसके लिए पाकिस्तान राष्ट्रपति ट्रंप के एक पूर्व बॉडीगार्ड तक के पास चला गया था. ट्रंप का ये बॉडीगार्ड कीथ शिलर अमेरिका में लॉबिंग फर्म चलाता है. इसके अलावा पाकिस्तान ने अमेरिका के कई दूसरे लॉबिंग फर्मों की सेवा ली और 45 करोड़ खर्च किए.

उत्तरी ध्रुव के नजदीक मौजूद ग्रीनलैंड की पहचान दुनिया के सबसे बड़े द्वीप के रूप में रही है. डेनमार्क के अधीन इस द्वीप पर सिर्फ 56 हजार लोग रहते हैं, उसमें से भी 18 हजार राजधानी न्यूक में. लेकिन, बर्फ से ढंका ग्रीनलैंड अब डोनाल्ड ट्रंप की नजरों में चढ़ गया है. और इस पर कब्जे की आशंका ने NATO को खतरे में डाल दिया है.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिकी कोर्ट में पेशी के दौरान कहा है कि मैं अब भी वेनेजुएला का राष्ट्रपति हूं और मैंने कोई गलती नहीं की है. हथकड़ी बंधे में मादुरो को भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट ले जाया गया. अदालत में सुनवाई के दौरान मादुरो ने जो बातें कही हैं वो संभवतः अमेरिका की चुनौतियों को बढ़ा सकती हैं.









