
इमरान खान नाम का तूफान... किस हद तक जाएगी जेल में मुलाकात की जिद? मुनीर के खिलाफ डटे बहन-बेटे और समर्थक
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पाकिस्तान में जेल में बंद इमरान खान को लेकर बड़ा सस्पेंस और तनाव पैदा हो गया है. अफवाहों के बाद कि जेल में उनकी हत्या कर दी गई है, उनकी तीनों बहनें और पीटीआई के नेता–कार्यकर्ता रावलपिंडी की अडियाला जेल के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. इमरान खान के बेटे कासिम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने पिता के जिंदा होने का सबूत मांगा है.
पाकिस्तान से ऐसी खबर आ रही है, जिसने मुल्क को हिलाकर रख दिया है. साथ ही पाकिस्तान में सुप्रीम पावर बने आसिम मुनीर की जड़ें तक खोद दी हैं. पाकिस्तान में रावलपिंडी से लेकर इस्लामाबाद तक और लाहौर से लेकर पेशावर तक, इमरान खान के लिए एक तूफान सा उठ खड़ा हुआ है. जब से अफवाह उड़ी कि इमरान खान की जेल में हत्या कर दी गई, तब से इमरान खान की तीन बहनों ने आसिम मुनीर के खिलाफ बगावत का झंडा उठा लिया है. अब एक तरफ तो ये तीनों बहनें जेल में बंद इमरान खान से मिलने की जिद पर अड़ी हैं, तो दूसरी तरफ इनके साथ इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेताओं और कार्यकर्ताओं के हुजूम के साथ, आम जनता भी रावलपिंडी की अडियाला जेल के बाहर धरना दे रही है. इन सबके बीच, इमरान और जेमिमा खान के बेटे कासिम ने जेल में बंद इमरान खान के जिंदा होने का सबूत मांगा है. सवाल उठता है कि आखिर इमरान खान पर आसिम मुनीर ने इतना सस्पेंस क्यों बनाकर रखा है?
एक तरफ तो, पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर आर्मी, नेवी, एयर फोर्स और न्यूक्लियर हथियारों पर कंट्रोल रखने वाले पहले चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज बन गए हैं. पाकिस्तान का कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट उन्हें, मुशर्रफ के बाद सबसे ताकतवर जनरल बनाता है. दूसरी तरफ आसिम मुनीर के पाकिस्तान में सुपर पावर बनते ही सबसे बड़ी बगावत शुरू हो गई है.
पूरे पाकिस्तान में इमरान के लिए कोहराम
रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान खान को लेकर पाकिस्तान में रावलपिंडी से लेकर इस्लामाबाद तक और लाहौर से लेकर पेशावर तक कोहराम मचा हुआ है. इमरान खान की 3 बहनें अडियाला जेल के सामने डटी हुई हैं और पूछ रही हैं कि उनकी मुलाकात जेल में बंद इमरान खान से क्यों नहीं कराई जा रही है. इमरान और जेमिमा खान के बेटे कासिम ने जेल में बंद इमरान खान के जिंदा होने का सबूत मांगा है.
करीब 4 महीने पहले भी इमरान खान को लेकर पाकिस्तान में एक तूफान उठा था. इमरान खान की बहनों से लेकर, इमरान खान के दोनों बेटों कासिम और सुलेमान ने एक मूवमेंट चलाया था कि वो इमरान खान को जेल से आजाद करवाकर ही दम लेंगे. लेकिन आसिम मुनीर ने अपनी ताकत दिखाई और धारा 144 लगाकर इमरान खान की पार्टी और उनके रिश्तेदारों के इस मूवमेंट को तोड़ दिया. जो इमरान खान के दोनों बेटे लंदन से पाकिस्तान आने वाले थे, वो भी पिता के लिए शुरू हुए इस मूवमेंट में नहीं आ पाए.
5 अगस्त यानी तकरीबन 4 महीने पहले इमरान खान की बहनों, बेटों, पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि आसिम मुनीर जेल के अंदर इमरान खान की हत्या करवाना चाहते हैं. और अब फिर से अडियाला जेल में बंद इमरान खान के लिए आवाज उठी है. चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस बनकर आसिम मुनीर पाकिस्तान में सुपर पावर बन चुके हैं. लेकिन आसिम मुनीर की पावर का एहसास होते हुए भी इमरान की सेना ने उनसे लोहा ले लिया.

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