
इजरायल के हमलों से तबाही, अब ईरान की बदला लेने की धमकी... मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की आहट
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इजरायल के हमले में ईरान के 20 टॉप कमांडर समेत 100 से अधिक लोग मारे गए. इनमें आर्मी और एयरफोर्स चीफ भी शामिल हैं. ईरान के 6 परमाणु वैज्ञानिक भी इजरायल के हमले में मारे गए हैं. यहूदी देश ने ईरान के तेहरान में यूक्लियर रिसर्च सेंटर और दो सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. अब ईरान में भी बदला लेने की कसमें खाई हैं.
मिडिल ईस्ट में जिसका डर था, अब वही हो गया है. इजरायल और ईरान अब जंग के मैदान में कूद चुके हैं. इजरायल ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. ईरान के सैन्य ठिकानों के साथ-साथ, परमाणु ठिकानों पर भी बमबारी की है. इजरायल ने बम और ड्रोन बरसाए हैं, जिसने ईरान में तबाही मचाकर रख दी. ईरान सरकार ने देशभर में इमरजेंसी लागू कर दी है.
इजरायल के हमले में ईरान के 20 टॉप कमांडर समेत 100 से अधिक लोग मारे गए. इनमें आर्मी और एयरफोर्स चीफ भी शामिल हैं. ईरान के 6 परमाणु वैज्ञानिक भी इजरायल के हमले में मारे गए हैं. यहूदी देश ने ईरान के तेहरान में यूक्लियर रिसर्च सेंटर और दो सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और एयर डिफेंस सिस्टम व बैलिस्टिक मिसाइलें भी तबाह कर दीं.
दरअसल, शुक्रवार सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर अचानक से पूरा ईरान दहल उठा. इजरायल की तरफ से ऐसी बमबारी हुई है कि पूरे ईरान में तहलका मच गया. इजरायल ने ईरान पर लड़ाकू विमानों के साथ 5 फेज में हमले किए. इन हमलों को ऑपरेशन राइजिंग लॉयन नाम दिया गया. इजरायल के इन हमलों से ईरान की राजधानी तेहरान दहल उठी. तेहरान के उत्तर-पूर्वी इलाक़ों में भी धमाके ही धमाके सुनाई पड़े.
नए IRGC ने इजरायल की दी खुली धमकी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नए प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद पाकपुर ने इजरायल को अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने अपने तीखे बयान में कहा कि जायोनिस्ट शासन (इजरायल) ने जिस प्रकार से ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किया है, उसका जवाब जल्द और भयावह रूप में दिया जाएगा.
IRGC प्रमुख मेजर जनरल पाकपुर ने कहा, 'जायोनिस्ट शासन ने आज इस्लामी गणराज्य की राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करके जो अपराध किया है, उसका जवाब जरूर दिया जाएगा. अपराधी और नाजायज जायोनिस्ट शासन को भयंकर और विनाशकारी परिणामों के साथ एक कड़वी और दर्दनाक नियति का सामना करना पड़ेगा. कमांडरों, वैज्ञानिकों और शहीद हुए लोगों के खून का बदला लेने के लिए, इस बाल-हत्या करने वाली सरकार के लिए जल्द ही नरक के द्वार खोल दिए जाएंगे."

ईरान में सरकार विरोधी एंटी-खामेनेई प्रदर्शनों से जुड़े एक मामले में 26 वर्षीय इरफान सुल्तानी को फांसी देने की तैयारी की खबर है, जिसे मौजूदा देशव्यापी आंदोलन से जुड़ी पहली फांसी बताया जा रहा है. सुल्तानी को 8 जनवरी को तेहरान के पास कराज में प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार को उसकी फांसी तय है.

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