
इजरायल का ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला, क्या अमेरिका की कोई भूमिका?
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इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया. इस पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि इजराइल ने अमेरिका को सूचित किया था कि ये कार्रवाई आवश्यक थी, हालांकि अमेरिका ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई में उसका कोई हाथ नहीं है और वह अपने सैनिकों को सुरक्षित कर रहा है. ईरान ने चेतावनी दी कि इजरायल की मदद करने वालों पर भी कार्रवाई होगी. देखें वीडियो

जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट सुविधा की घोषणा की है. इससे जर्मनी के एयरपोर्ट के जरिए किसी तीसरे देश की यात्रा करने वाले भारतीयों को अब ट्रांजिट वीजा नहीं लेना होगा. यह फैसला जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की 12-13 जनवरी की भारत यात्रा के बाद जारी भारत-जर्मनी संयुक्त बयान में लिया गया.

भारतीय मूल के अमेरिकी जज अरुण सुब्रमण्यम ने ट्रंप प्रशासन की ओर से डेमोक्रेट शासित राज्यों में बच्चों की देखभाल, परिवार सहायता और सामाजिक सेवाओं से जुड़ी करीब 10 अरब डॉलर की फंडिंग रोकने के फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी है. जज ने कहा कि अचानक फंड रोकने से गरीब परिवारों और कमजोर वर्गों को गंभीर नुकसान हो सकता है और प्रक्रिया में कानूनी खामियां हैं.

ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रहे कड़े दमन के बीच स्थिति बेहद तनावपूर्ण होती जा रही है. अमेरिका ने बार-बार चेतावनी दी है कि अगर दमन जारी रहा तो अमेरिकी सेना कोई भी जरूरी कार्रवाई करने को तैयार है. ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है जबकि विदेश में बैठे रजा पहलवी ने अपने समर्थकों से आंदोलन को और भी तेज करने की अपील की है. वहीं ईरान ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि ट्रंप की धमकियों का जवाब दिया जाएगा और इस स्थिति से अन्य देशों को भी नुकसान हो सकता है.

पाकिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक नजम सेठी का बड़ा बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान केवल भारत से ही डरता है और उसके पास परंपरागत युद्ध में भारत को रोकने की क्षमता नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी डर के कारण पाकिस्तान कभी भी नो फर्स्ट यूज परमाणु नीति को अपनाने को तैयार नहीं होगा. यह बयान पाकिस्तान की सैन्य कमजोरियों और उसकी परमाणु धमकी की नीति की वास्तविकता को सामने लाता है.

क्यूबा पिछले छह दशकों से अमेरिका को सीधे चुनौती दे रहा है. कोल्ड वॉर के दौर में अमेरिका ने इस देश पर अपने नियंत्रण के लिए नाकाबंदी, हमले, फिदेल कास्त्रो की हत्या की कोशिशें, सब कुछ किया. लेकिन अटलांटिक महासागर का द्विपीय देश क्यूबा अपने एजेंडे पर कायम रहा और अमेरिका की छाती में नश्तर की तरह चुभता रहा.

ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ जारी प्रदर्शन तेज हो रहे हैं, जिनमें अब तक कम से कम 500 लोगों की मौत हो चुकी है. युवा प्रदर्शनकारी, जैसे फैशन की पढ़ाई करने वाली छात्रा रोबिना अमिनियन, अपनी आजादी और महिलाओं के अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं और सुरक्षाबलों की गोलयों का शिकार हो रहे हैं.







