
'आप लोग जिंदाबाद रहिए और हमको...', जब विधानसभा में विपक्षी विधायकों पर भड़के नीतीश कुमार
AajTak
बिहार विधानसभा में विपक्षी दलों के विधायकों ने जमकर हंगामा किया और सदन में मुर्दाबाद के नारे लगाए. इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क गए. सीएम नीतीश कुमार सदन में खड़े हुए और बोले, आप लोग जिंदाबाद रहिए और हमको मुर्दा कर दीजिए. आप लोग इस बार बहुत कम संख्या में आएंगे. यह बहुत गलत बात है, जितना हंगामा कर रहे हैं ना, है करते रहिए.
बिहार विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है. बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में हंगामे और नारेबाजी किए जाने पर विपक्षी विधायकों पर भड़क गए. नीतीश ने कहा, आप मेरे लिए मुर्दाबाद के नारे लगाते हैं और हम आपको जिंदाबाद कहते हैं. बाहर भी यही बोल रहे हैं. जितनी बार मुर्दाबाद लगाना हो, लगाइए. हम आप सबको जिंदाबाद कहेंगे.
दरअसल, सीएम नीतीश कुमार के विधानसभा में एंट्री करते ही आरजेडी विधायक मुकेश रौशन समेत अन्य ने नारेबाजी शुरू कर दी. रौशन ने नीतीश कुमार मुर्दाबाद के नारे लगाए. इस पर नीतीश कुमार रुके और फिर कहा, जो मुर्दाबाद बोल रहे हैं, उनको हमारा जिंदाबाद है. नीतीश कुमार ने कहा, जिंदा रहिए और हमको मुर्दा कहते रहिए. जितना मुर्दा करते रहिएगा, उतना ही खत्म हो जाइएगा. आप लोग बहुत कम संख्या में अगली बार आइएगा. एक सीट भी नहीं मिलेगी. ये हाल जान लीजिए. खूब लगाओ नारा.
नीतीश ने कहा, हम इसलिए कह रहे हैं कि जिंदाबाद और घर में रहिएगा. यहां आने की जरूरत नहीं है. सारा काम सरकार की तरफ से किया जा रहा है.
'गड़बड़ आप लोग कर रहे थे'
नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक का भी खुलकर बचाव किया. नीतीश ने कहा, गड़बड़ तो आप (विपक्ष) लोग ही कर रहे थे. अभी हमने सुधार कर दिया है. एक-एक काम कर रहे हैं. कल ही हमने कह दिया और लागू हो गया. नीतीश, स्कूल टाइमिंग में बदलाव का जिक्र कर रहे थे.
'ईमानदार अधिकारी पर एक्शन की मांग करना गलत बात'

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









