
'आतंकवादी संगठनों पर धन बर्बाद कर रहा आपका शासन...', ईरान के नागरिकों को बेंजामिन नेतन्याहू का संदेश
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प्रधानमंत्री ने ईरानी जनता से अपील की कि वे एक बेहतर भविष्य की उम्मीद करें, जिसमें उनकी बुनियादी जरूरतों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने कहा, "सोचिए अगर वह धन जो ईरान के नेता परमाणु हथियार और विदेशी युद्धों में बर्बाद कर रहे हैं, आपकी शिक्षा, स्वास्थ्य और देश के विकास में लगाया जाता."
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को ईरान की जनता को सीधे संबोधित किया और इस दौरान उन्होंने ईरानी शासन की कड़ी आलोचना की. नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा, "हर दिन, ईरान का शासन आपको दबा रहा है और पूरे क्षेत्र को युद्ध और अंधकार में धकेल रहा है." उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के नेताओं की प्राथमिकता जनता का कल्याण नहीं, बल्कि लेबनान और गाज़ा में फालतू के युद्धों में पैसे बर्बाद करना है.
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि आज में ईरान की जनता से बिना किसी मीडियम के और सीधे संवाद कर रहा हूं. इस दौरान जरूरी बयान जारी करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि, ईरानी शासन अपने लोगों की बजाय विदेशों में युद्ध और आतंकवादी संगठनों पर धन बर्बाद कर रहा है. नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा, "हर दिन, ईरान का शासन आपको दबा रहा है और पूरे क्षेत्र को युद्ध और अंधकार में धकेल रहा है."
प्रधानमंत्री ने ईरानी जनता से अपील की कि वे एक बेहतर भविष्य की उम्मीद करें, जिसमें उनकी बुनियादी जरूरतों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने कहा, "सोचिए अगर वह धन जो ईरान के नेता परमाणु हथियार और विदेशी युद्धों में बर्बाद कर रहे हैं, आपकी शिक्षा, स्वास्थ्य और देश के विकास में लगाया जाता."
नेतन्याहू ने ईरानी लोगों को याद दिलाया कि एक दिन ईरान आज़ाद होगा और जब यह होगा, तो इज़राइल और ईरान के बीच शांति स्थापित होगी. उन्होंने कहा, "हमारे दोनों प्राचीन देश, यहूदी और फ़ारसी, एक दिन शांति से साथ रहेंगे." ईरान के लोगों का शासन द्वारा हिज़बुल्लाह और हमास जैसे आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने में कोई योगदान नहीं है. उन्होंने ईरान के लोगों को भरोसा दिलाया कि इज़राइल उनके साथ खड़ा है और दोनों देशों के बीच शांति और समृद्धि का भविष्य संभव है.
प्रधानमंत्री नेतन्याहू के इस बयान को क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जहां उन्होंने ईरानी शासन के खिलाफ खुलकर मोर्चा लिया है, लेकिन साथ ही ईरान की जनता के साथ शांति की उम्मीद भी जताई है.

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