
आज का दिन: योगी के सामने अखिलेश यादव विपक्ष का नेता क्यों नहीं बनना चाह रहे हैं?
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उत्तर प्रदेश ने ये तो तय कर दिया कि योगी आदित्यनाथ ही उसके मुख्यमंत्री होंगे… लेकिन चेक्स एन्ड बैलेंस के लिए, उनकी पॉलिसीज पर नुक्ता चीनी करने के लिए यूपी असेम्बली में सदन के दूसरी ओर कौन बैठेगा, इस बारे में अब भी सस्पेंस है.
देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस में हार के बाद मची झौं-झौं अब तक जारी है. बैठकों बयानों का सिलसिला चल रहा है. पहले CWC की बैठक हुई उसके बाद से ही जी23 ग्रुप एक्टिव है.
कांग्रेस आलाकमान के सामने क्यों नरम पड़ा G23 गुट?
बुधवार को जब इस ग्रुप की बैठक हुई थी तो कांग्रेस आलाकमान के ख़िलाफ कई बयान भी आए थे. कल जी-23 ग्रुप के नेता भूपेंद्र हुड्डा राहुल गांधी से मिलने पहुंचे थे और कहा जा रहा है कि गुलाम नबी आजाद की सोनिया गांधी से फ़ोन पर बात हुई है और वे जल्द मुलाक़ात कर सकते हैं हालांकि होनी तो कल ही थी पर हो नहीं पाई . फ़िलहाल कहा ये जा रहा है कि दो रोज़ पहले तक जो जी23 नेताओं का धड़ा गांधी परिवार के खिलाफ मुखर दिख रहा था वो अब धीरे धीरे शांत हो रहा है, मतलब समझौता करने की तरफ बढ़ रहा है. तो कुछ रोज़ पहले तक जी 23 गुट जो पार्टी के खिलाफ मुखर था वो अचानक से नरम पड़ता क्यों दिख रहा है, कारण क्या है इसका?
अखिलेश की जगह कौन हो सकता है नेता प्रतिपक्ष?
हफ्ते भर पहले उत्तर प्रदेश ने ये तो तय कर दिया कि योगी आदित्यनाथ ही उसके मुख्यमंत्री होंगे… लेकिन चेक्स एन्ड बैलेंस के लिए, उनकी पॉलिसीज पर नुक्ता चीनी करने के लिए यूपी असेम्बली में सदन के दूसरी ओर कौन बैठेगा, इस बारे में अब भी सस्पेंस है. जी... लीडर ऑफ ओपोजिशन की बात कर रहे हैं हम. समाजवादी पार्टी में मुखिया अखिलेश यादव करहल विधानसभा से चुनाव जीते हैं, लोगों को उम्मीद थी कि वे यूपी असेम्बली से बीजेपी के सामने लोहा लेंगे लेकिन अब कहा जा रहा है कि अखिलेश विधायकी के बजाय सांसद ही बने रहना चाहते हैं. ऐसे में, सवाल उठता है कि सदन में बीजेपी को घेरने के लिए सपा किसे अपना चेहरा बनाएगी. लेकिन उससे पहले ये जानने के लिए कि अखिलेश क्यों सांसद ही बने रहना चाहते हैं, उनके पास नेता प्रतिपक्ष बनने का मौका था, बावजूद इसके वे क्यों पीछे हट रहे हैं? में कौन से नाम हैं जिनकी नेता प्रतिपक्ष के तौर पर चेहरा बनने को लेकर चर्चा हो रही है?
असानी चक्रवात को लेकर क्या हैं सरकार की तैयारियां?

नितिन नबीन ने बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें इसके लिए बधाई दी. मोदी ने पार्टी के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नितिन नबीन उनके बॉस हैं और वे उनका कार्यकर्ता हैं. यह बदलाव पार्टी में एक नई शुरुआत के रूप में माना जा रहा है. सुनिए पीएम मोदी और क्या बोले.

बीजेपी को जल्द ही सबसे कम उम्र का अध्यक्ष मिल जाएगा. नितिन नबीन को इस जिम्मेदारी भरे पद के लिए चुना गया है और उनका नाम आधिकारिक रूप से सुबह 11.30 बजे बीजेपी मुख्यालय में घोषित किया जाएगा. इस महत्वपूर्ण दिन पर नितिन नबीन ने दिल्ली के विभिन्न मंदिरों का दौरा कर आशीर्वाद लिया. उन्होंने गुरूद्वारा बंगला साहिब, झंडेवालान मंदिर, वाल्मीकि मंदिर और कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर में दर्शन किए. इस मौके पर BJP मुख्यालय के बाहर ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया.

भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नबीन को निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना है. मंगलवार को नितिन नबीन दिल्ली के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की और अब 11:30 बजे बीजेपी मुख्यालय में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे.










