
आजम खान ने किया इशारा...और अखिलेश विरोधी दिखाने लगे भाईचारा
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समाजवादी पार्टी में इन दिनों सियासी उठा पटक जारी है. शिवपाल यादव एक तरफ अखिलेश यादव से नाराज हैं तो आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी अलग सियासी बिसात बिछाने में जुटे हैं. ऐसे में सपा के कद्दावर मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले आजम खान ने महज एक इशारा किया तो अखिलेश विरोधियों में भाईचारा दिखने लगा है.
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का कुनबा क्या एक बार फिर से बिखरेगा, क्योंकि चुनाव के बाद से भी सपा में शह-मात का खेल जारी है. सीतापुर जेल में दो साल से बंद सपा विधायक आजम खान ने अपने समर्थकों के जरिए महज एक इशारा दिया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से नाराज है तो बस उनसे मिलने के लिए सियासी दलों के नेताओं का तांता लग गया. इससे सूबे की सियासत में एक नए समीकरण बनने के संकेत भी मिल रहे हैं.
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने रामपुर जाकर आजम परिवार से मुलाकात किया तो अब शिवपाल यादव शुक्रवार को सीतापुर जेल में आजम खान से मिले. दलित नेता चंद्रशेखर आजाद भी आजम खान से मिलने के लिए सीतापुर जेल जाने के लिए तैयार बैठे हैं. वहीं, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने तो आजम खान को अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता भी भेज दिया है. साथ ही ओवैसी ने तो जेल में ही आजम खान से मुलाकात का समय मांगा है. ऐसे में साफ है संकेत है कि सूबे की सियासत में कुछ तो खिचड़ी जरूर पक रही है.
दरअसल, सपा के कद्दावर नेता आजम खान पिछले दो सालों से सीतापुर की जेल में बंद हैं और उन पर करीब 80 मुकदमें दर्ज हैं. आजम खान इतने लंबे समय तक तो आपातकाल के दौर में भी जेल में बंद नहीं रहे हैं. इन दो सालों में सपा प्रमुख अखिलेश यादव महज एक बार ही आजम खान से मिलने सीतापुर जेल गए हैं, लेकिन उनकी रिहाई के लिए अभी तक किसी तरह का कोई बड़ा आंदोलन नहीं खड़ा कर सके. ऐसे में अब आजम खान खेमे से अखिलेश यादव के खिलाफ बगावती सुर उठने लगे हैं तो उनके समर्थन में सपा के कई मुस्लिम नेता इस्तीफा दे चुके हैं.
आजम खान के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां के शानू के कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सही कहा था कि अखिलेश यादव ही नहीं चाहते कि आजम खान जेल से बाहर आएं. उन्होंने कहा कि आजम खान दो साल से ज्यादा समय से जेल में हैं, लेकिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव केवल एक बार ही जेल में उनसे मिलने गए. मुसलमानों ने सपा को एकतरफा वोट किया है, लेकिन पार्टी में मुस्लिमों को ही महत्व नहीं दिया जा रहा है. मुसलमानों का उत्पीड़न हो रहा है, अखिलेश यादव चुप है.
आजम खान मीडिया प्रभारी के बयान के बाद से ही आजम समर्थक अखिलेश के खिलाफ बगावती तेवर में हैं, खून से खत लिख रहे हैं और सपा के खिलाफ मुस्लिमों की अनदेखी का बयान जारी कर रहे हैं. एक के बाद एक सपा का मुस्लिम नेता पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं. इसके बाद से ही आजम खान और उनके परिवार से नेताओं ने मुलाकात का सिलसिला भी शूरू कर दिया है, क्योंकि माना जा रहा है कि आजम खान जल्द ही जेल से बाहर निकलने वाले हैं. आजम खान के खिलाफ दर्ज कई मामले में जमानत मिल चुकी है और बस एक केस ही बचा है.
आजम खान के जेल से बाहर आने से पहले ही सियासी तानाबना बुना जाने लगा है. ऐसे में सबसे पहले रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने रामपुर जाकर आजम खान के विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम से मिले और फिर उनकी पत्नी तंजीम फातिमा से भी मुलाकात की. जयंत चौधरी ने इस दौरान आजम खान के साथ अपने पारिवारिक संबंध बताया. उन्होंने कहा कि आजम खान का परिवार काफी कुछ परेशानियों का सामना कर रहा है. ऐसे में मेरी जिम्मेदारी थी कि जब में रामपुर आया था तो उनसे मिलूं. जयंत ने आजम खान के परिवार से अपना बहुत पुराना रिश्ता बताया और कहा कि उनके पिता चौधरी अजीत सिंह उनके बहुत अच्छे दोस्त थे.

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