
अहमदाबाद में कांग्रेस अधिवेशन का दूसरा दिन, पहले दिन की चर्चा के ये रहे 5 बड़े Points
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गुजरात में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन का आज दूसरा दिन है. पहले दिन सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई जिसमें गौरवशाली अतीत की चर्चा हुई तो भविष्य की बात भी. महात्मा गांधी और सरदार पटेल की विरासत से लेकर सामाजिक न्याय और संविधान तक छाए रहे.
गुजरात में 64 साल बाद हो रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन का आज दूसरा दिन है. तय कार्यक्रम के मुताबिक ‘न्यायपथ: संकल्प, समर्पण, और संघर्ष’ की थीम पर अहमदाबाद में साबरमती नदी के तट पर झंडा वंदन के साथ राष्ट्रीय अधिवेशन के मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत होगी जिसमें देशभर से पहुंचे करीब दो हजार डेलिगेट्स शामिल होंगे. पहले दिन विविध कार्यक्रमों के साथ कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई. पहले दिन हुई चर्चा को 5 पॉइंट्स में समझा जा सकता है.
महात्मा गांधी और सरदार पटेल की विरासत पर बात
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक की शुरुआत में ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने महात्मा गांधी और सरदार पटेल की बात की. उन्होंने कहा कि गुजरात में जन्में महात्मा गांधी, सरदार पटेल और दादाभाई नैरोजी ने दुनियाभर में कांग्रेस का नाम रोशन किया है. ये तीनों ही हस्तियां कांग्रेस की अध्यक्ष भी रहीं. उन्होंने यह कहा कि महात्मा गांधी की लाठी और चश्मा तो चुरा सकते हो लेकिन असली पूंजी उनकी वैचारिक विरासत है जो कांग्रेस के पास है.
खड़गे ने जहां कांग्रेस को महात्मा गांधी की वैचारिक विरासत का वास्तविक वारिस बताया, वहीं सरदार पटेल की 150वीं जयंती देशभर में मनाने के ऐलान किया. उन्होंने कहा कि सरदार की विरासत पर् दावा वह लोग कर रहे हैं, जिनकी विचारधारा उनके खिलाफ रही. ये हास्यास्पद है.
महानायकों को लेकर साजिश की बात कर कांग्रेस अध्यक्ष यह भी संकेत दे ही गए कि पार्टी अपने नायकों की विरासत को फिर से वापस हासिल करने की ओर बढ़ेगी. सीडब्ल्यूसी से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी का सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करना हो या शाम को पार्टी नेताओं का साबरमती आश्रम पहुंच कीर्तन और प्रार्थना सभा में शामिल होना, ये भी इसी तरफ संकेत हैं कि देश की सबसे पुरानी पार्टी अपने महानायकों की ओर लौटेगी.
संविधान और आंबेडकर

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