
अयोध्या की तरह चुनावी फाइट न साबित हो जाए माता वैष्णो देवी की सीट, 80 फीसदी बंपर वोटिंग से क्या इशारा?
AajTak
बीजेपी लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की फैजाबाद (अयोध्या) सीट हार गई थी और फिर विधानसभा उपचुनाव में उत्तराखंड की बदरीनाथ की सीट भी नहीं जीत पाई. इन दो सीटों को लेकर विपक्ष ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला था. ऐसे में अब श्री माता वैष्णो देवी सीट बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को 26 सीटों के लिए हुए मतदान में 56 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया. कई स्थानों पर उत्साह से भरे मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं.
इस दौरान सबसे अधिक वोटिंग हॉट सीट में शुमार वैष्णो देवी सीट पर हुई, जहां 79.95 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. नई सीट परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई है. बीजेपी ने इस सीट को लेकर पूरी ताकत झोंक रखी थी और खुद पीएम मोदी इस सीट को लेकर प्रचार के लिए कटरा पहुंचे थे.
पीएम मोदी ने किया था रोडशो
19 सितंबर को पीएम मोदी ने कटरा में करीब दो किलोमीटर लंबा रोड शो किया था. पीएम मोदी ने कहा, "यहां (जम्मू-कश्मीर में) एक ऐसी सरकार की जरूरत है, जो हमारी आस्था का सम्मान करे और हमारी संस्कृति को बढ़ावा दे."
पीएम मोदी की वैष्णो देवी मंदिर को लेकर आस्था किसी से छिपी नहीं है. 2014 में जब उन्हें बीजेपी ने पीएम पद का उम्मीदवार घोषित किया तो उन्होंने लोकसभा अभियान की शुरुआत करने से पहले मंदिर में प्रार्थना की थी. इस बार, महत्व दोगुना हो गया है, क्योंकि 2022 के परिसीमन के बाद, अब श्री माता वैष्णो देवी विधानसभा सीट है, जो रियासी और उधमपुर विधानसभा क्षेत्रों से अलग हो गई है.
यह भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए संसद से लेकर सड़क तक लड़ेंगे: राहुल गांधी

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.










