
अमेरिकी अगुआई वाला 'पैक्स सिलिका' को जानिए, जिसमें शामिल हुआ भारत
BBC
भारत अब अमेरिका की अगुआई वाली उस स्ट्रैटिजिक पहल में शामिल हो गया है.
भारत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के मौक़े पर 'पैक्स सिलिका' घोषणा पर दस्तख़त किए.
इसके साथ ही भारत औपचारिक तौर पर अमेरिका की अगुआई वाली उस स्ट्रैटिजिक पहल में शामिल हो गया है, जिसका मक़सद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन में हिस्सेदार बनना और इसमें चीन के वर्चस्व का मुक़ाबला करना है.
दरअसल, पिछले कुछ समय से चीन अपने क्रिटिकल मिनरल्स की क्षमता पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के मामले में एक बड़ी ताक़त बन कर उभरा है और वो अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती दिख रहा है.
लैटिन में 'पैक्स' का मतलब होता है शांति. सिलिका का मतलब सिलिकन चिप से है, जिसका इस्तेमाल सेमी-कंडक्टर बनाने में होता है. सेमी-कंडक्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अहम तत्व है.
यह गठबंधन क्रिटिकल मिनरल्स के खनन से लेकर उनकी एडवांसिंग मैन्युफ़ैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और एआई टेक्नोलॉजी की पूरी चेन को सुरक्षित करना चाहता है.
इसका मक़सद है, इन मामलों में चीन पर निर्भरता को ख़त्म करना और अपनी आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा को मज़बूत करना.
व्हाइट हाउस के 'पैक्स सिलिका' घोषणापत्र में इसका मक़सद स्पष्ट किया गया है.
