
अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए 'फर्जी लूट' का खेल, FBI ने 11 भारतीयों को किया गिरफ्तार
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अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 11 भारतीयों पर वीजा धोखाधड़ी का आरोप लगा है. इन लोगों ने ग्रीन कार्ड पाने के लिए 'U-Visa' हासिल करने हेतु स्टोर्स में फर्जी डकैतियां करवाई थीं, ताकि वे खुद को अपराध का शिकार बता सकें.
अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 11 भारतीय नागरिकों पर वीजा धोखाधड़ी और साजिश रचने के गंभीर आरोप लगे हैं और इन्हें एफबीआई ने गिरफ्तार किया है. अमेरिकी संघीय अभियोजकों के अनुसार, इन लोगों ने 'U-Visa' और ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए दुकानों में 'फर्जी डकैती' (Staged Robberies) की साजिश रची थी.
आरोपियों ने अमेरिका के विभिन्न राज्यों (मैसाचुसेट्स, केंटकी, ओहायो) में कन्वीनिएंस स्टोर और शराब की दुकानों पर फर्जी हथियारबंद डकैतियां करवाईं. इसका मकसद स्टोर पर मौजूद क्लर्कों को खुद को 'हिंसक अपराध का शिकार' (Crime Victim) दिखाने का मौका देना था.
अमेरिका के कानून के मुताबिक, 'U-Visa' उन लोगों को मिलता है जो किसी अपराध के शिकार हुए हों और जांच में पुलिस की मदद करें. यह वीजा आगे चलकर ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता साफ कर देता है.
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सीसीटीवी में कैद करवाते थे 'वारदात' चार्जशीट के मुताबिक, डकैती के दौरान एक फर्जी 'लुटेरा' दुकान में घुसकर क्लर्क या मालिक को हथियार दिखाकर धमकाता और कैश रजिस्टर से पैसे लेकर फरार हो जाता था. यह पूरी 'वारदात' स्टोर के सीसीटीवी कैमरे में कैद की जाती थी.
लुटेरे के भागने के करीब 5-10 मिनट बाद पुलिस को फोन किया जाता था. इस पूरी सेटिंग के लिए 'पीड़ितों' ने मुख्य मास्टरमाइंड को पैसे दिए थे, जिसने बदले में स्टोर मालिकों को भी हिस्सा दिया था.

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