
अमेरिका की वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई और मादुरो की गिरफ्तारी
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इस वीडियो में अमेरिका की वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा की गई है जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी शामिल है. अमेरिका ने ड्रग्स तस्करी और क्षेत्रीय अस्थिरता को कारण बताया है, जबकि असली मकसद वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्ज़ा माना जा रहा है.

अमेरिका, जो लोकतंत्र, शांति और मानव अधिकारों का हमेशा से समर्थन करता रहा है, उसने संयुक्त राष्ट्र जैसी महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्था को मजाक का पात्र बना दिया है. संयुक्त राष्ट्र के यूएन चार्टर के अनुसार, सभी देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करना जरूरी है और किसी भी देश को दूसरे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. लेकिन अमेरिका ने इस संवैधानिक नियम की अनदेखी करते हुए संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों की जमकर अवहेलना की है. इससे वैश्विक सद्भाव और विश्व राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ा है. ऐसे कारनामे लोकतंत्र और अंतर्राष्ट्रीय कानून की मूल अवधारणाओं के खिलाफ हैं और समुचित सम्मान और नियमों का पालन आवश्यक है.

पांच जनवरी को वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को लोर मैनहैटन की अदालत में पेश किया गया. उस समय उनके हाथों को हथकड़ी से बांधा गया था और अमेरिकी सेना के जवान उन्हें एक बख्तरबंद गाड़ी की तरफ ले जा रहे थे. मादुरो 2013 से वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति हैं और उन्हें कभी नहीं लगा होगा कि किसी दूसरे देश में उन्हें अपराधी की तरह पेश किया जाएगा और उनकी यह स्थिति बनेगी.

फेमस जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट इयान ब्रेमर (Ian Bremmer) ने खास बातचीत में अमेरिका के वेनेजुएला ऑपरेशन को लेकर चेतावनी जारी की. इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में ब्रेमर ने कहा कि 3 जनवरी को कराकस में हुआ यह ऑपरेशन उस दौर को दर्शाता है, जिसे वह 'G-Zero वर्ल्ड' यानी वैश्विक नेतृत्व विहीन दुनिया कहते हैं.

सोकोत्रा द्वीप यमन के गृहयुद्ध से दूर और अपनी अनोखी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, अब सऊदी अरब और UAE के बीच बढ़ते तनाव के कारण यात्रा बाधित होने का सामना कर रहा है. UAE समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच झड़पों के कारण हवाई क्षेत्र बंद हो गया है, जिससे विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं.

ईरान में महंगाई और मुद्रा की गिरती कीमत के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों पर सरकारी दमन तेज हो गया है. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक अब तक कम से कम 25 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और 1000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य हस्तक्षेप की धमकियों ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है.

वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद सत्ता समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने की कोशिशों में जुटी दिख रही हैं. ट्रंप के समर्थन से दूर किए जाने के बाद मचाडो ने अपना नोबेल पुरस्कार तक उन्हें समर्पित करने की बात कही है.







