
अमृतपाल पर चरणजीत सिंह चन्नी के बयान से कांग्रेस का किनारा, BJP ने भी उठाए सवाल
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संसद में बजट पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू चन्नी पर भड़क गए. बिट्टू ने चन्नी को पंजाब का सबसे करप्ट आदमी बताया और जमकर निशाना साधा. संसद में बिट्टू और चन्नी की तकरार को लेकर पक्ष-विपक्ष के सदस्य आमने-सामने आ गए और जमकर हंगामा हुआ.
पंजाब के कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी का अमृतपाल सिंह पर दिए बयान के बाद सियासी बवाल मचा हुआ है. चन्नी ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने विवादास्पद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया है. इस टिप्पणी के बाद विरोध के स्वर उठने लगे तो कांग्रेस ने इस बयान से किनारा कर लिया. कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि अमृतपाल सिंह पर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा दिया गया बयान उनके अपने हैं और किसी भी तरह से इसका कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है. चन्नी की टिप्पणी पर भाजपा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि चन्नी देशद्रोही की तरह व्यवहार कर रहे हैं.
संसद में बजट पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू चन्नी पर भड़क गए. बिट्टू ने चन्नी को पंजाब का सबसे करप्ट आदमी बताया और जमकर निशाना साधा. संसद में बिट्टू और चन्नी की तकरार को लेकर पक्ष-विपक्ष के सदस्य आमने-सामने आ गए और जमकर हंगामा हुआ. हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.
चरणजीत चन्नी ने संसद में उठाया अमृतपाल सिंह की रिहाई का मुद्दा कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की जेल से रिहाई की मांग की. संसद में अपने भाषण के दौरान चरणजीत सिंह चन्नी ने अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग करते हुए कहा, 'पंजाब के 20 लाख लोगों ने उसे अपना नेता चुनकर संसद भेजा है. लेकिन उसे जेल में डाल दिया गया है. वह अपने क्षेत्र के लोगों की बात सदन में रखने में असमर्थ है.ये भी एक तरह की इमरजेंसी है.'
कौन है अमृतपाल सिंह खालिस्तानी संगठन 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने लोकसभा चुनाव में पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय जीत दर्ज की है.अमृतपाल सिंह पिछले साल मार्च से ही जेल में बंद है. उस पर एनएसए के तहत केस चल रहा है. अमृतपाल सिंह तब सुर्खियों में आया था, जब उसने एक पुलिस स्टेशन में अपने करीबी को छुड़ाने के लिए हजारों समर्थकों के साथ हमला बोल दिया था. पंजाब में उसे जरनैल सिंह भिंडरा वाले-2.0 तक कहा जाता है.
बता दें कि भिंडरावाले ने 1980 के दशक में सिखों के लिए अलग देश खालिस्तान की मांग उठाई थी और पूरे पंजाब में कोहराम मचा दिया था. ठीक उसी तरह अमृतपाल सिंह सिर पर तुलनात्मक रूप से भारी पगड़ी बांधता है.

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