
अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर को टारगेट कर क्या बताया है, INDIA ब्लॉक एकजुट है?
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अभिषेक बनर्जी भी लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को वैसे ही टारगेट करते नजर आये, जैसे पहले राहुल गांधी और अखिलेश यादव को देखा जा चुका है - ये INDIA ब्लॉक को एकजुट दिखाने की कोशिश है या फिर तृणमूल कांग्रेस का दिल्ली में दबदबा बनाये रखने का प्रयास?
अभिषेक बनर्जी तीसरी बार पश्चिम बंगाल की डायमंड हार्बर से लोकसभा पहुंचे हैं, संसद में ये बताना नहीं भूलते कि वो 7 लाख से ज्यादा वोटों से चुनाव जीते हैं, लगे हाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम जरूर लेते हैं. वो प्रधानमंत्री मोदी की वाराणसी सीट पर जीत के अंतर की बात कर रहे हैं.
तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी के भाषण में निशाने पर तो प्रधानमंत्री मोदी ही रहते हैं, लेकिन बात बात पर वो स्पीकर ओम बिरला को भी टारगेट करते हैं - वो भी राहुल गांधी और अखिलेश यादव की ही तरह मिसाल देकर साबित करने की कोशिश करते हैं कि स्पीकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के साथ बराबर व्यवहार नहीं करते.
लोकसभा में अभिषेक बनर्जी और स्पीकर ओम बिरला के बीच हुई बहस फिलहाल काफी चर्चित है, और टीएमसी सांसद ने जिस तरह किसानों का जिक्र किया है, उसमें इमरजेंसी को लेकर संसद में रखे गये मौन की तरफ इशारा है - ये संकेत देता है कि कुछ मुद्दों पर टीएमसी कांग्रेस के साथ है.
जैसे इमरजेंसी पर कांग्रेस और टीएमसी साथ खड़े हों
अभिषेक बनर्जी के साथ भी स्पीकर ओम बिरला करीब करीब वैसे ही पेश आये जैसे कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा या शशि थरूर के साथ. जब शपथ के बाद जय हिंद और जय संविधान बोलने पर थोड़ी बहस हो गई थी - और अभिषेक बनर्जी भी स्पीकर से वैसे ही उलझते देखे गये जैसे पिछले सत्र में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अखिलेश यादव.
आम बजट पर चर्चा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने 2016 की नोटबंदी का जिक्र करते हुए नाकाम बताया तो स्पीकर ओम बिरला ने टोक दिया. ओम बिरला ने अभिषेक बनर्जी से कहा, 2016 के बाद तो 2019 के लोकसभा चुनाव भी हो गए... आप वर्तमान बजट पर बोलें.

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