
अफगानिस्तान में लगातार दूसरे दिन मस्जिद के पास धमाका, 30 से ज्यादा की गई जान
AajTak
अफगानिस्तान में मावली सिकंदर मस्जिद के पास धमाका हुआ है. इस धमाके में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं.
अफगानिस्तान में मावली सिकंदर मस्जिद के पास धमाका हुआ है. इस धमाके में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. मस्जिद के पास धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और आनन-फानन में सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब लोग मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए थे. इसी दौरान उन्होंने धमाके की आवाज सुनी. इस धमाके के बाद कुंदुज के पुलिस प्रमुख हाफिज उमर ने कहा कि आज दोपहर मावली सिकंदर मस्जिद में एक विस्फोट हुआ. इस विस्फोट में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. अभी मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.
लगातार दूसरे दिन मस्जिद के पास धमाका यह लगातार दूसरा दिन है जब अफगानिस्तान में मस्जिद के पास धमाका हुआ है. महज एक दिन पहले देश के मजार-ए-शरीफ में विस्फोट हुआ था. इस विस्फोट में 5 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 65 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. घटना के कुछ देर बाद आतंकी संगठन आईएसआईएस ने मस्जिद के बाहर घमाके की जिम्मेदारी ली थी.
2021 में हुए हैं कई बड़े धमाके अफगानिस्तान पर तालिबानी हुकूमत का कब्जा होने के बाद यह कोई पहला धमाका नहीं है. 2021 में अफगानिस्तान में कई बड़े धमाके हुए हैं, जिसने वहां के लोगों के दिल और दिमाग को हिलाकर रख दिया था.
आठ मई 2021 को काबुल में बड़ा बम धमाका हुआ था. ये धमाका एक स्कूल के पास किया गया था. घटना में 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. इसमें सौ से ज्यादा घायल हो गए थे.
14 नवंबर 2021 को काबुल के शिया बहुल क्षेत्र में धमाका हुआ था. इसमें छह लोगों की मौत हो गई थी. वहीं सात लोग घायल हो गए थे. 15 नवंबर 2021 को कंधार प्रांत की एक मस्जिद में धमाका हुआ था. इसमें 32 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं 40 लोग घायल हो गए थे.

यूक्रेन पर रूस ने एक ही रात में 200 से अधिक स्ट्राइक ड्रोन दागकर भीषण हमला किया है. इस हमले में सुमी, खार्किव, नीप्रो और ओडेसा सहित कई इलाके निशाने पर रहे, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए हैं. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इन हमलों के बीच देश की आंतरिक मजबूती और मरम्मत दलों के काम की सराहना की है.

गाजा पुनर्विकास के लिए ट्रंप की शांति योजना के तहत 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों का ऐलान कर दिया गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद उसके अध्यक्ष होंगे. इधर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्ष समाप्त करने की व्यापक योजना के तहत गाजा के पुनर्विकास के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' में नामित किया गया है. देखें अमेरिकी से जुड़ी बड़ी खबरें.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया. जबकि डेनमार्क और यूरोप ने NATO मौजूदगी बढ़ाने का संकेत दिया है. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने से जुड़े बयान दिए हैं, जिसके बाद लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है.

अमेरिका और ईरान में इस समय टकराव देखने को मिल रहा है. अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. हालांकि, अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लगातार धमकियों के बावजूद ईरान पर सीधे हमले से क्यों बच रहा अमेरिका? देखें श्वेतपत्र.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. वहीं अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल के आठ प्रमुख शहरों पर हमले की योजना तैयार की है. इस बढ़ती तनाव की स्थिति से मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे और बढ़ सकते हैं.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.






