
'अपना गढ़ बचता नहीं, सितारों पर निशाना', असम ट्राइबल इलेक्शन में बुरी तरह हारी कांग्रेस तो TMC ने किया कटाक्ष
AajTak
असम के नॉर्थ कछार हिल्स ऑटोनॉमस काउंसिल में टीएमसी ने भी पहली बार अपने उम्मीदवार उतारे थे और 7.63 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया. दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी 8.87 प्रतिशत वोट शेयर के साथ शून्य पर सिमट गई.
असम आदिवासी चुनावों में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने कटाक्ष किया है. नॉर्थ कछार हिल्स ऑटोनॉमस काउंसिल में देश की सबसे पुरानी पार्टी को बुरी हार का सामना करना पड़ा. इसे लेकर ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 'बंगाल में सीट शेयरिंग' के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा.
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कह सकते हैं कि बंगाल में उनकी (कांग्रेस) सीट हिस्सेदारी की आकांक्षाएं सातवें आसमान पर हैं, जबकि वे अपने गढ़ को ही नहीं बचा पा रहे हैं!' उनका बयान तब आया जब भाजपा ने 30 में से 25 सीटें जीतकर असम के दिमा हसाओ जिले की नॉर्थ कछार हिल्स ऑटोनॉमस काउंसिल में सत्ता बरकरार रखी.
Despite contesting NCHAC elections for the first time @AITC4Assam managed a higher vote share than INC – the primary opposition. One might say their seat share aspirations in Bengal are akin to aiming for the stars when they couldn't quite grasp the ground in their own backyard! pic.twitter.com/YUDw8qlR32
इन चुनावों में टीएमसी ने भी पहली बार अपने उम्मीदवार उतारे थे और 7.63 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया. दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी 8.87 प्रतिशत वोट शेयर के साथ शून्य पर सिमट गई. इंडिया ब्लॉक के सदस्य, कांग्रेस पर अभिषेक बनर्जी का तीखा प्रहार, आम चुनावों से पहले सीट-शेयरिंग फार्मूले के बारे में चल रही चर्चाओं को लेकर है.
टीएमसी ने पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस को 2 पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को यह फार्मूला स्वीकार्य नहीं है. सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की राय है कि राज्य में प्रमुख पार्टी को ही सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला लेने की अनुमति दी जानी चाहिए.
अधीर रंजन चौधरी ने ममता पर बोला तीखा जुबानी हमला

इंदौर के सर्राफा बाजार में लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर टंगा बैग और हाथों में जूते लेकर घिसटकर चलता मांगीलाल जिसे भी दिखाई देता, वह सहानुभूति में उसे पैसे दे देता. लेकिन यही मांगीलाल तीन पक्के मकानों, तीन ऑटो और एक डिजायर कार का मालिक है. इतना ही नहीं, वह लोगों को ब्याज पर पैसा भी देता था. इस खुलासे ने सबको चौंका दिया.

बेंगलुरु में रोड रेज की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. सड़क पर मामूली बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया. इसी दौरान एक युवक अचानक अपना आपा खो बैठा और उसने सड़क पर ही चाकू निकाल लिया. आरोपी गुस्से में चाकू लहराते हुए सामने वाले को धमकाने लगा. वह सड़क पर खुलेआम हथियार दिखाकर डराने की कोशिश करता रहा, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई. कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटने लगे. वीडियो में आरोपी का आक्रामक रवैया और चाकू लहराने की हरकत साफ तौर पर देखी जा सकती है फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

देश के अलग-अलग राज्यों से आग की भयावह घटनाएं सामने आई हैं, जिसने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. गुजरात के खेड़ा जिले में भोपाल जा रहे एक कंटेनर ट्रक में अचानक आग लग गई, जिसमें मारुति कंपनी की 8 नई कारें पूरी तरह जलकर राख हो गईं. उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक फर्नीचर गोदाम में भीषण आग लगने से लाखों रुपये का तैयार माल नष्ट हो गया. झारखंड के रामगढ़ जिले में देर रात बोरा फैक्ट्री में आग लगने से फैक्ट्री पूरी तरह खाक हो गई, आग की लपटें दूर तक दिखाई दीं और आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा. वहीं जयपुर–दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गैस टैंकर और ट्रेलर की टक्कर के बाद केमिकल से भरे टैंकर में आग भड़क उठी, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई. वहीं रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भीषण आग लग गई, जहां भंडार कक्ष में रखी कई अहम फाइलें जलकर खाक हो गईं. राहत की बात यह रही कि इन सभी घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा शांति बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है. व्हाइट हाउस ने पीएम मोदी के नाम एक पत्र जारी किया है. खत में लिखा है कि भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री के रूप में आपको मध्य पूर्व में शांति को सुदृढ़ करने और वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए एक साहसिक नए दृष्टिकोण को अपनाने के इस ऐतिहासिक और भव्य प्रयास में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है. यह बोर्ड अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना का दूसरा चरण है, जिसका उद्देश्य इस्राइल-हमास युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करना है.

हिमालयी क्षेत्रों में आज से एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे पहाड़ी इलाकों भारी बर्फबारी होगी तो वहीं इसका असर मैदानी इलाकों में भी दिखेगा. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से दिल्ली, राजस्थान, पंजाब के कई इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है. वहीं, दिल्ली-NCR में घना कोहरा और प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में बना हुआ है.

दिल्ली–देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे लगभग बनकर तैयार है. 210 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर 6–7 घंटे से घटकर करीब 2.5 घंटे का रह जाएगा. करीब 11 हजार 970 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे पर आधुनिक सुविधाएं, एलिवेटेड सड़कें और वाइल्डलाइफ सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं.







