
अग्निपथ स्कीम के विरोध के बहाने माहौल खराब करने की साजिश! जांच एजेंसियां सतर्क, चेतावनी जारी
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केंद्रीय जांच एजेंसियों ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी कर दिया है. कहा गया है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैला माहौल खराब करने की साजिश है.
देश में केंद्र सरकार की नई योजना अग्निपथ को लेकर जबरदस्त बवाल देखने को मिल रहा है. कई राज्यों में हिंसा का दौर भी शुरू हुआ है. सबसे ज्यादा प्रभावित तो बिहार दिखाई पड़ रहा है जहां पर ट्रेनों तक को आग के हवाले कर दिया गया है. अब इस बीच केंद्रीय जांच एजेंसियों ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी कर दिया है. कहा गया है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैला माहौल खराब करने की साजिश है.
अतिरिक्त फोर्स तैनात करने की अपील
जारी बयान में कहा गया है कि असामाजिक तत्व हर कोशिश करेंगे कानून व्यवस्था बिगाड़ने की, सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने की. सभी राज्यों को अलर्ट किया जाता है कि वे अतिरिक्त फोर्स तैयार रखें जिससे हर तरह की स्थिति से निपटा जा सके. अब ये चेतावनी उस समय जारी की गई है जब देश के कई राज्यों में इस योजना के विरोध में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं.
बिहार में तो सरकारी प्रॉपर्टी को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया जा रहा है, कई ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया गया है. तेलंगाना, कोलकाता और झारखंड में भी स्थिति विस्फोटक हो रही है. यूपी के कुछ इलाकों में भी प्रदर्शन हुए हैं. राजधानी दिल्ली में भी प्रदर्शनकारियों ने कानून हाथ में लेने का प्रयास किया है. इन्हीं सब प्रदर्शन को देखते हुए जांच एजेंसियां मान रही हैं कि आने वाले दिनों में माहौल खराब करने के लिए प्रदर्शनकारी और हिंसक हो सकते हैं. ऐसे में पहले से अतिरिक्त फोर्स तैनात करने की बात हुई है, सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखने की नसीहत भी दी गई है.
क्या है ये अग्निवीर योजना?
अग्निपथ योजना की बात करें तो भारतीय सेना में पहली बार ऐसी कोई स्कीम लॉन्च की गई है, जिसमें शॉर्ट टर्म के लिए सैनिकों की भर्ती की जाएगी. इस योजना के तहत हर साल करीब 40-45 हजार युवाओं को सेना में शामिल किया जाएगा. ये युवा साढ़े 17 साल से 21 साल की उम्र के बीच के होंगे. इन चार वर्षों में सैनिकों को 6 महीने की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाएगी. इन्हें पहले साल में 30 हजार, दूसरे साल में 33 हजार, तीसरे साल में 36500 और चौथे साल में 40 हजार मासिक वेतन दिया जाएगा.

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