
Ukraine: दो दिन की जंग, दो महीने से जारी.. छोटे से यूक्रेन के सामने क्यों बेअसर है पुतिन की पावरफुल आर्मी?
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Russia-Ukraine War: 24 फरवरी से शुरू हुई रूस और यूक्रेन की जंग को दो महीने होने जा रहे हैं. माना जा रहा था कि ये जंग महज 2 दिन में ही खत्म हो जाएगी, लेकिन अबतक जंग किसी अंजाम तक नहीं पहुंची है और हर जगह रूसी सेना को यूक्रेनी सेना के गतिरोध का सामना करना पड़ रहा है.
Russia-Ukraine War: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दंभ और रूसी सेना के ताबड़तोड़ हमलों के बीच आज अगर दुनिया किसी को देख रही है तो वो हैं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की... जिन्होंने युद्ध को लेकर कहा था कि- 'उन्होंने हमें 5 दिन दिए थे. हम 50वें दिन भी जिंदा हैं. इस पर हमें गर्व होना चाहिए.'
24 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के अब लगभग दो महीने होने जा रहे हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जब यूक्रेन के खिलाफ जंग का ऐलान किया था तब दुनियाभर में इस बात पर बहस शुरू हो गई कि रूस की विशाल सेना के आगे यूक्रेन कितने दिन तक टिक पाएगा? शायद दो दिन.
हथियारों और सेना के आंकड़ों में रूस से कहीं पीछे रहने के कारण ही माना जा रहा था कि यूक्रेन ज्यादा दिन नहीं टिक पाएगा. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी 24 फरवरी को जब जंग का ऐलान किया तो धमकाते हुए कहा कि यूक्रेनी सेना अपने हथियार डाले और घर लौट जाए. हालांकि, ऐसा हुआ नहीं और ये जंग लंबी खींचती चली गई. आज दो महीने बाद भी रूस ना को किसी यूक्रेनी शहर पर पूरी तरह कब्जा जमा पाया है और ना हीं 8 जनरलों को खो चुकी रूसी सेना के पास और ना ही पुतिन के पास जंग में दिखाने को कोई सफलता फिलहाल दिख रही है.
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यूक्रेन की सीक्रेट ताकत!
रूस के साथ जंग में कोई भी देश सीधे तौर पर तो यूक्रेन के साथ नहीं आया, लेकिन रूस के खिलाफ दुनिया एकजुट हो गई. अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी समेत दुनिया के कई देशों ने रूस से लड़ने के लिए यूक्रेन को हथियार मुहैया कराए. 24 फरवरी से अब तक अकेला अमेरिका ही यूक्रेन को 2.6 अरब डॉलर (करीब 20 हजार करोड़ रुपये) की सैन्य मदद का ऐलान कर चुका है. यूक्रेन सीमा के पास पड़ोसी देश में स्थित सीक्रेट सैन्य अड्डे से अमेरिका यूक्रेन की सेना तक हथियार, गोला, बारूद, मिसाइलें, एंटी टैंक मिसाइलें पहुंचा रहा है और जिनके बल पर जेलेंस्की की सेना पुतिन के लड़ाकों के दांत खट्टे किए हुए है.

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