
Sri Lanka में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने की फायरिंग, एक की मौत, 10 जख्मी
AajTak
Sri Lanka Crisis: भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका गंभीर आर्थिक संकट में है. यहां विरोध को दबाने के लिए पुलिस भारी बल प्रयोग कर रही है. वह देश के राष्ट्रपति यह मान चुके हैं कि उनकी गलतियों की वजह से देश में इतना बड़ा संकट पैदा हो गया.
श्रीलंका में देश की बदहाली के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है. विरोध को दबाने के लिए मंगलवार को पुलसि ने बल प्रयोग किया. इस दौरान पुलिस ने गोली भी चलाई, जिससे एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई, वहीं 10 लोग जख्मी हो गए है. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मालूम हो कि श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) ने यह स्वीकार कर लिया है कि उनके गलत फैसलों की वजह से देश इतने विकट आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. उन्होंने सबकुछ ठीक करने का भरोसा दिलाया है.
राजपक्षे ने कही ये बात
श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा, "पिछले ढाई साल में हमें कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. कोविड-19 महामारी के साथ कर्ज का बोझ और कुछ हमारी गलती...उन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है. हमें उन्हें दुरुस्त करते हुए आगे बढ़ना होगा. हमें लोगों का विश्वास दोबारा हासिल करना होगा."
इन गलतियों का किया जिक्र
श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा कि कर्ज का बोझ बढ़ने के साथ ही उन्हें तुरंत इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से संपर्क करना चाहिए था. इसके साथ ही देश में केमिकल फर्टिलाइजर पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए था. श्रीलंका की सरकार ने देश में कृषि को पूरी तरह ऑर्गेनिक करने के लिए केमिकल फर्टिलाइजर के इस्तेमाल पर रोक लगा दिया था.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.

हिज्बुल्लाह ने इजरायली सेना पर जबरदस्त रॉकेट हमला किया है. हिजबुल्लाह प्रवक्ता ने कहा है कि हमने दुश्मन पर कई रॉकेट दागे हैं. उन्होंने कहा कि आज सुबह ये हमला लेबनान की सुरक्षा के लिए किया गया. इजरायल ने भी माना है कि हाइफा में कई रॉकेट दागे गए, लेकिन इजरायल का दावा है कि हमने ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया. देखें वीडियो.








