
Salman Rushdie: लेखक सलमान रुश्दी पर जानलेवा अटैक के बाद क्यों होने लगी ईरान की चर्चा?
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Salman Rushdie attack Iran: सलमान रुश्दी पर अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर हमला हुआ तो ईरान भी सुर्खियों में आ गया. सलमान रुश्दी पर हुए जानलेवा हमले के बाद ईरान ऐसे ही सुर्खियों में नहीं आ गया. इसके तार उस धमकी और फतवे से जुड़े हैं जब सलमान रुश्दी का विवादित उपन्यास 'द सैटेनिक वर्सेज' प्रकाशित हुआ था...
दुनिया के मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर अमेरिका में एक शख्स ने हमला कर दिया. न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे सलमान रुश्दी पर 24 साल के युवा ने चाकू से कई बार वार किया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. हाथ की नसें फट गई हैं तो वहीं लीवर को भी नुकसान पहुंचा है. सर्जरी किए जाने पर सलमान रुश्दी की एक आंख जाने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है. न्यूयॉर्क पुलिस ने बयान जारी कर हमलावर को गिरफ्तार कर लिए जाने की जानकारी दी है. वहीं, सलमान रुश्दी पर हुए इस जानलेवा हमले के बाद ईरान की भी चर्चा होने लगी है.
सलमान रुश्दी पर हुए जानलेवा हमले के बाद ईरान की चर्चा ऐसे ही नहीं हो रही. 75 साल के सलमान रुश्दी को उनके उपन्यास मिडनाइट्स चिल्ड्रन के लिए बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. बुकर पुरस्कार जीतने के बाद सलमान रुश्दी का एक और उपन्यास आया जिसका नाम था 'द सैटेनिक वर्सेज' (The Satanic Verses).
साल 1988 में प्रकाशित इस पुस्तक को लेकर विवाद खड़ा हो गया. ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह खुमैनी ने इसे इस्लाम धर्म का अपमान बताया और सलमान रुश्दी के खिलाफ फतवा जारी कर दिया.
रुश्दी पर रखा था 3 मिलियन डॉलर का इनाम
अयातुल्लाह खुमैनी ने सलमान रुश्दी को जान से मारने वाले के लिए इनाम का भी ऐलान कर दिया था. सलमान रुश्दी को मारने वाले के लिए तीन मिलियन अमेरिकी डॉलर के इनाम का ऐलान किया गया था. अयातुल्लाह खुमैनी के फतवे का असर 13 देशों में साफ देखने को मिल रहा था. सलमान रुश्दी को मौत की धमकियों का सामना करना पड़ा.
साल 1989 में आए इस फतवे के बाद सलमान रुश्दी को नौ साल तक छिपकर रहना पड़ा. बाद में ईरान की ओर से ये कहा गया कि वह सलमान रुश्दी को मारने का समर्थन नहीं करता. हालांकि, साल 2012 में ईरान के एक संगठन ने सलमान रुश्दी को मारने वाले के लिए इनामी राशि 3 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर 3.3 मिलियन डॉलर करने का ऐलान कर दिया.

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