
Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन जंग का 32वां दिन, रुक नहीं रहेे रूसी सेना के हमले
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रूस-यूक्रेन जंग को एक महीने का वक्त बीत चुका है और विश्वभर में रूस की घेराबंदी हो रही है. रूस को अलग-थलग करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें हो रही हैं. लेकिन इन सबके बावजूद रूस रुक नहीं रहा है. रूस अब यूक्रेन के परमाणु ठिकानों को निशाना बना रहा है. जंग के 32वें दिन खारकीव में रूसी सेना ने न्यूक्लियर लैब पर रॉकेट दागे हैं.न जानें रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा ये संघर्ष खत्म होगा, लेकिन जिस पैमाने पर यूक्रेन में तबाही का दौर चल रहा है, उससे तबाही का आंकलन करना भी मुश्किल हो रहा है.

मैं श्वेता सिंह सीधे युद्ध भूमि से आपको महायुद्ध के बीसवें दिन की खबर बता रही हूं. कल ईरान की गैस फील्ड पर इजरायल के हमले के बाद लगातार चार खाड़ी देश के ऑयल-गैस डिपो-रिफाइनरी पर बड़ा हमला ईरान ने कर दिया है. ईरान ने सऊदी अरामको और यूएई के टर्मिनल के अलावा कतर के सबसे बड़े गैस टू लिक्वड प्लांट रास लफान पर मिसाइल हमला कर दिया. कतर के इस प्लांट से दुनिया को 20 से 25 प्रतिशत गैस की सप्लाई होती है. वहीं सऊदी अरब के यनबू पोर्ट पर स्थित सैमरेफ ऑयल रिफाइनरी पर हवाई हमला हुआ है.

अमेरिकी अधिकारियों के वॉशिंगटन आर्मी बेस के ऊपर कुछ अनजान ड्रोन देखे जाने बाद वहां हड़कंप मच गया है. इसी बेस पर विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ रहते हैं. अभी तक ये पता नहीं लग पाया है कि ये ड्रोन कहां से आए थे. इसके बाद सुरक्षा और बढ़ा दी गई है. इस पर व्हाइट हाउस में एक बैठक भी हुई है, जिसमें इस बात पर चर्चा हुई है कि इन हालातों से कैसे निपटा जाए.

ईरान की पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में गैस फील्ड पर हमले की धमकी दी थी. जिसके बाद अब बहरीन के नेचुरल गैस रिफाइनरी पर ईरान ने हमला कर दिया है. बहरीन और सऊदी के बॉर्डर के पास बनी गैस फैसिलिटी पर ईरान ने मिसाइल दागी है. यह हमला इतना खतरनाक था का इसका असर बहरीन और सऊदी को जोड़ने वाले किंग फहाद पुल पर भी पड़ा है. पुल भी डैमेज हो गया है.










