
Ranchi violence: रांची में हिंसा के दौरान जख्मी दो लोगों की मौत, गोली लगने के बाद अस्पताल में थे भर्ती
AajTak
पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणी के विरोध में और नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया गया था. इस दौरान कई राज्यों में माहौल भी बिगड़ गया था. यूपी में 136 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
रांची में शुक्रवार को उपद्रव के दौरान गोली लगने से जख्मी दो लोगों की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक मरने वालों में एक की पहचान मुदस्सिर उर्फ कैफी के रूप में हुई है. राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) ने दो लोगों की मौत की पुष्टि की है. वहीं अभी 8 जख्मी लोगों का इलाज चल रहा है.
मालूम हो कि पैगंबर मोहम्मद को लेकर नूपुर शर्मा की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शुक्रवार को लोग सड़कों पर उतर आए थे. मेन रोड इलाके में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जुलूस निकालकर नूपुर शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी. पुतला भी जलाया था. इसके बाद देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया.
UP: देश में बवाल पर होने वाले TV डिबेट में नहीं शामिल होंगे सपा प्रवक्ता, अखिलेश ने लगाई रोक
पुलिस ने किया था लाठीचार्ज, हवाई फायरिंग
रांची में विरोध प्रदर्शन उग्र होने के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और हवाई फायरिंग की. इस दौरान भीड़ ने भी जमकर पत्थरबाजी की. इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. पत्थरबाजी में पुलिस के कई जवानों को चोट लगी. बहरहाल पुलिस ने भीड़ पर काबू पा लिया.
पूरे रांची शहर में लगा कर्फ्यू

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









