
Pakistan: क्या इमरान खान पर चलेगा मुशर्रफ की तरह देशद्रोह का केस? 15 साल पुराने मामले को याद क्यों दिला रहे शहबाज शरीफ
AajTak
Pakistan Political Crisis: पाकिस्तान में जारी सियासी संकट के बीच विपक्ष पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ देशद्रोह की कार्रवाई करने की बात कर रहा है. विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने तो ये भी कहा था कि जैसा 15 साल पहले परवेज मुशर्रफ ने किया था, वैसा ही अब हुआ है.
Pakistan Political Crisis: पाकिस्तान का सियासी संकट बढ़ता ही जा रहा है. प्रधानमंत्री रहे इमरान खान की सिफारिश पर राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने नेशनल असेंबली को भंग कर दिया है. इससे पहले डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने इमरान के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. जिस तरह से पहले अविश्वास प्रस्ताव खारिज किया गया और उसके बाद संसद भंग कर दी गई, उसे विपक्ष और जानकार 'असंवैधानिक' बता रहे हैं.
अविश्वास प्रस्ताव खारिज करने और संसद भंग करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बेंच सुनवाई कर रही है. तीन दिन से इस मामले पर सुनवाई चल रही है और अब तक कोई फैसला या आदेश जारी नहीं किया गया है. हालांकि, सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस उमर अता बंदियाल ने इतना जरूर कहा है कि डिप्टी स्पीकर भले ही अनुच्छेद 5 का हवाला दें, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव को खारिज नहीं किया जा सकता है.
दरअसल, अंतरिम प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया था. विपक्ष का दावा था कि उसके पास 195 सांसदों का समर्थन है. अविश्वास प्रस्ताव पर रविवार यानी 3 अप्रैल को वोटिंग होनी थी, लेकिन इससे पहले ही डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने इसे 'विदेशी साजिश' बताते हुए खारिज कर दिया. उन्होंने इसके लिए अनुच्छेद 5 का हवाला दिया. पाकिस्तान के संविधान का अनुच्छेद 5 कहता है कि राज्य के प्रति वफादारी हर नागरिक का मूल कर्तव्य है.
अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने और उसके बाद संसद भंग होने के बाद नया सियासी संकट खड़ा हो गया है. विपक्ष ने इसे असंवैधानिक बताया है. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ का कहना है कि खुलेआम संविधान की धज्जियां उड़ाने पर इमरान खान और उनके समर्थकों पर अनुच्छेद 6 का इस्तेमाल करना चाहिए. अनुच्छेद 6 देशद्रोह के बारे में हैं. शहबाज शरीफ ने ये भी कहा था कि 3 नवंबर 2007 को परवेज मुशर्रफ ने भी ऐसा ही असंवैधानिक काम किया था.
ये भी पढ़ें-- अमेरिका को आंख दिखाने की गुस्ताखी कैसे कर पा रहे हैं इमरान खान? समझिए पूरी कहानी
क्या किया था मुशर्रफ ने?

ईरान के साथ जारी जंग और अमेरिका में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता को तगड़ा झटका दिया है. ट्रंप की रेटिंग गिरकर 36% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि आर्थिक मोर्चे पर अब ट्रंप की रेटिंग उनसे पहले राष्ट्रपति रहे जो बाइडेन के सबसे खराब दौर से भी नीचे चली गई है.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.









