
Pakistan: इमरान खान की तीसरी शादी गैर-इस्लामिक? याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
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सुनवाई के दौरान पीटीआई के वकील सलमान अकरम राजा ने कहा कि मामले का उद्देश्य केवल याचिकाकर्ताओं को अपमानित करना है, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि खान की शादी के खिलाफ शिकायत नवंबर 2023 में निकाह के पांच साल और 11 महीने बाद दायर की गई थी. दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों के बाद अदालत ने मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया.
पाकिस्तान के एक हाईकोर्ट ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की उनकी तीसरी पत्नी बुशरा बीबी से 'गैर-इस्लामिक' शादी को चुनौती देने वाले मामले को खारिज करने की मांग वाली याचिका पर बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद हाईकोर्ट (आईएचसी) के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक ने पिछले साल नवंबर में बुशरा बीबी के पूर्व पति खावर मनेका द्वारा दायर मामले की सुनवाई की.
इसमें 71 वर्षीय पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी सुप्रीमो खान के खिलाफ उनकी वर्तमान पत्नी से शादी करने के लिए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई, जो कि तब कथित तौर पर इद्दत अवधि पर थी.
इस्लामिक रिवाजों के मुताबिक इद्दत अवधि (तीन महीने) एक वेटिंग पीरियड होता है, जिसे एक मुस्लिम महिला को अपने पति की मृत्यु या विवाह विच्छेद के कारण मानना होता है.
बुधवार को सुनवाई के दौरान पीटीआई के वकील सलमान अकरम राजा ने कहा कि मामले का उद्देश्य केवल याचिकाकर्ताओं को अपमानित करना है, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि खान की शादी के खिलाफ शिकायत नवंबर 2023 में निकाह के पांच साल और 11 महीने बाद दायर की गई थी. दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों के बाद अदालत ने मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया.
बता दें कि इस महीने की शुरुआत में, एक निचली अदालत ने खान और बीबी को विवाह मामले में दोषी ठहराया था. 49 वर्षीय बीबी पंजाब के जमींदार परिवार से हैं. उनकी पहली शादी मनेका से हुई, जो लगभग 30 साल तक चली, जो पंजाब के एक राजनीतिक रूप से प्रभावशाली परिवार से हैं.

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