
OMG 2: सेक्स एजुकेशन पर बात लेकिन कई मुद्दों पर चूक गई फिल्म!
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अक्षय कुमार और पंकज त्रिपाठी की 'OMG 2' बिना किसी शक इस साल की सबसे बहादुर फिल्मों में से एक है. फिल्म ने बड़े पर्दे पर एक ऐसा मुद्दा उठाया, जिसे लोग आम बातचीत में शामिल करने से बचते हैं. लेकिन 'OMG 2' इस मुद्दे को जिस तरह ट्रीट करती है, उसमें कई समस्याएं हैं. कैसे? आइए बताते हैं...
पिछले शुक्रवार रिलीज हुई 'गदर 2' जहां बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड्स बना रही है, वहीं इसके साथ ही थिएटर्स में पहुंची 'OMG 2' जनता का दिल जीत रही है. अक्षय कुमार और पंकज त्रिपाठी स्टारर 'OMG 2' को जितने अच्छे रिव्यू मिले, उतनी ही इसे जनता की तारीफ भी मिली. और इस तारीफ में कुछ गलत भी नहीं है. क्योंकि 'सेक्स' शब्द से असहज हो जाने वाले समाज में बच्चों के लिए 'सेक्स एजुकेशन' पर बात करना, वो भी बड़े पर्दे पर, एक बहादुरी भरा काम तो जरूर है.
'OMG 2' की कहानी का कनफ्लिक्ट, बड़े पर्दे पर एक बहादुरी भरा अटेम्प्ट जरूर है. लेकिन इस अटेम्प्ट में कहानी जिन रास्तों से होकर गुजरती है उसमें कई बड़ी दिक्कतें हैं. फिल्म रिलीज होने के एक हफ्ते बाद इस बारे में बात करने का मकसद ये है कि अबतक काफी लोग फिल्म देख चुके होंगे. और एक बार फिल्म देखने के बाद ये बात समझना ज्यादा आसान होगा.
कहानी में मुद्दा क्या है?
'OMG 2' में एक बच्चा है, विवेक (आरुष वर्मा) जो अभी जवानी की तरफ कदम रख रहा है. उसे बुली करने के लिए, उसके साथ पढ़ने वाला एक लड़का उसके प्राइवेट पार्ट के साइज पर कमेन्ट कर देता है. किसी तरह विवेक के दिमाग में ये बात बैठ जाती है कि उसकी 'ग्रोथ' नॉर्मल नहीं है और इस बारे में उसे कुछ करना होगा. सेक्सुअल हेल्थ जैसी चीज से बिल्कुल अनजान विवेक तरह-तरह की चीजें आजमाने लगता है और इसी एक्स्परिमेंट में उसे मास्टरबेशन की लत लग जाती है. विवेक को बुली करने वाले उसके साथी, इसी का फायदा उठाते हैं और स्कूल के टॉयलेट में उसका वीडियो रिकॉर्ड करके फैला देते हैं.
वायरल वीडियो विवेक की इमेज का ऐसा नुक्सान करता है कि उसे स्कूल से निकाल दिया जाता है. विवेक का पिता कांति शरण मुद्गल (पंकज त्रिपाठी) भी शुरू में पूरे मुद्दे को वैसी ही, 'अनैतिक हरकत' की नजर से देखता है जैसे सारी दुनिया देखती है. लेकिन भगवान शिव के एक दूत (अक्षय कुमार) की प्रेरणा से उसे समझ आता है कि उसे अपने बेटे के लिए लड़ना चाहिए. कांति अब स्कूल और सेक्सुअल हेल्थ के नाम पर लोगों को गुमराह करने वाले डॉक्टर-केमिस्ट समेत, खुद अपने नाम भी मानहानि का नोटिस भेजता है. और फिर शुरू होता है एक कोर्ट केस जो 'OMG 2' की कहानी का पूरा मैसेज डिलीवर करता है. लेकिन इस मैसेज को जनता तक पहुंचाने में फिल्म जिन बातों को बतौर टूल्स इस्तेमाल करती है, वो अगर बारीकी से देखें जाएं तो काफी समस्याएं नजर आती हैं.
मैसेज नहीं, मीडियम में झोल













