
Karachi Attack: मरीज बनकर 15 मिनट इंतजार, फिर चीनी डेंटिस्ट पर बरसा दीं ताबड़तोड़ गोलियां
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पाकिस्तान के कराची में ये हादसा हुआ. यहां बुधवार करीब शाम 4 बजे डॉ रिचर्ड हू के डेंटल क्लीनिक में एक मरीज आया. वह 15-20 मिनट वेटिंग एरिया में बैठा रहा, इसके बाद उसने अचानक क्लीनिक में घुसकर वहां मौजूद डॉक्टर समेत तीन लोगों पर गोलियां बरसा दीं.
पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. कराची में बुधवार को एक अज्ञात हमलावर ने डेंटल क्लीनिक में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस हमले में एक चीनी नागरिक की मौत हो गई. जबकि दो घायल बताए जा रहे हैं. इससे पहले इसी साल अप्रैल में कराची यूनिवर्सिटी के बाहर हुए ब्लास्ट में 3 चीनी नागरिकों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी. इस हमले की जिम्मेदारी बलोच लिब्रेशन आर्मी ने ली थी.
मरीज बनकर आया हमलावर, 15 मिनट इंतजार के बाद बरसाईं गोलियां
पुलिस के मुताबिक, ये हादसा कराची के सद्दर इलाके में हुआ. बुधवार करीब शाम 4 बजे डॉ रिचर्ड हू के डेंटल क्लीनिक में एक मरीज आया. वह 15-20 मिनट वेटिंग एरिया में बैठा रहा, इसके बाद उसने अचानक क्लीनिक में घुसकर वहां मौजूद डॉक्टर रिचर्ड हू, उनकी पत्नी फेन तेयिन और रोनाल्ड रेमंड चौऊ पर गोलियां बरसा दीं. उसके हाथ में 9 एमएम पिस्टल थी.
कराची पुलिस ने बताया कि घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी में देखा जा सकता है कि हमलावर ने लाल टोपी लगाई हुई थी. उसने ब्लू ट्राउजर और शर्ट पहन रखी थी. पुलिस के मुताबिक, हमलावर हमले को अंजाम देने के बाद साथी के साथ बाइक से फरार हो गया. हमलावर का साथी उसके साथ बाइक लिए पहले से खड़ा था.
गोली लगने के बाद रोनाल्ड रेमंड की मौत हो गई. वहीं, डॉक्टर रिचर्ड और उनकी पत्नी जख्मी हो गए. दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टर रिचर्ड करीब 40 साल से कराची में अपना क्लीनिक चला रहे हैं. वहीं, तीनों नागरिकों के पास चीन-पाकिस्तान की दोहरी नागरिकता है. हमले की वजह साफ नहीं
इस हमले के बाद पुलिस ने एरिया को सील करके जांच शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक, क्लीनिक और आस पास के दुकानों के सीसीटीवी फुटेज तलाशे जा रहे हैं. इनकी मदद से हमलावर की पहचान की जा रही है. हालांकि, अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. वहीं, इस मामले की जांच काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने शुरू कर दी है. उन्होंने बताया कि अभी हमले की वजह का पता नहीं चला है. न ही यह पता चल पाया है कि निजी कारण के चलते हमलावर ने हमला किया, या फिर यह आतंकी हमला था.

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