
G7 समिट: इटली में मैक्रों से मिले PM मोदी, मेक इन इंडिया, AI समेत इन मुद्दों पर हुई बात
AajTak
विदेश मंत्रालय ने कहा कि आज इटली के अपुलिया में G7 शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों ने द्विपक्षीय बैठक की. दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की, जिसमें डिफेंस, न्यूक्लियर, स्पेस, एजुकेशन, क्लाइमेट एक्शन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और कल्चरल इनीशिएटिव जैसे नेशनल म्यूजियम पार्टनरशिप और लोगों के बीच संबंधों में को बढ़ाने में सहयोग पर चर्चा की.
इटली में G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए हैं. इस दौरान पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की और वर्ल्ड लीडर्स के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं.
पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्थिर और समृद्ध वैश्विक व्यवस्था के लिए भारत और फ्रांस के बीच मजबूत और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारी महत्वपूर्ण है. बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने 'मेक इन इंडिया' पर ज्यादा ध्यान देने के साथ ही रणनीतिक रक्षा सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति जताई.
पीएम मोदी और मैक्रों ने इन मुद्दों पर की बात
वहीं, विदेश मंत्रालय ने कहा कि आज इटली के अपुलिया में G7 शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों ने द्विपक्षीय बैठक की. दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की, जिसमें डिफेंस, न्यूक्लियर, स्पेस, एजुकेशन, क्लाइमेट एक्शन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और कल्चरल इनीशिएटिव जैसे नेशनल म्यूजियम पार्टनरशिप और लोगों के बीच संबंधों में को बढ़ाने में सहयोग पर चर्चा की.
एनर्जी और स्पोर्ट्स में सहयोग बढ़ाने पर भी जताई सहमति
द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने आगामी AI शिखर सम्मेलन और यूनाइटेड नेशन्स ओशियन कॉन्फ्रेंस को लेकर मिलकर काम करते हुए AI के साथ ही तेजी से उभरती टेक्नोलॉजी, एनर्जी और स्पोर्ट्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई. ये दोनों सम्मेलन 2025 में फ्रांस में आयोजित किए जाएंगे.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.









