
Covid Nasal Vaccine: कौन नहीं लगवा सकेगा? बाकी वैक्सीन से कितनी खास? जानिए 10 बड़े सवालों के जवाब
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कोरोना की नई लहर के खतरे के बीच भारत में अब जल्द ही नाक से दी जाने वाली कोविड वैक्सीन को प्रयोग में लाया जाएगा. इस वैक्सीन का नाम iNCOVACC है, जिसे भारत बायोटेक ने बनाया है. इस वैक्सीन का इस्तेमाल बूस्टर डोज के तौर पर होगा. ऐसे में जानना जरूरी है कि वैक्सीन कितनी सेफ है? कौन लगवा सकता है? और इसमें बाकी वैक्सीन से क्या अलग है?
केंद्र सरकार ने भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन (Nasal Vaccine) को मंजूरी दे दी है. इस वैक्सीन का नाम iNCOVACC है. कोविन प्लेटफॉर्म पर अब ये वैक्सीन भी उपलब्ध होगी. ये वैक्सीन 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को लगाई जाएगी. नाक से दी जाने वाली इस वैक्सीन को बूस्टर डोज पर लगाया जाएगा.
भारत बायोटेक की इस वैक्सीन को सरकार ने इस साल 6 सितंबर को इमरजेंसी यूज की मंजूरी दी थी. हालांकि, अब तक ये वैक्सीन लगाई नहीं जा रही थी. अब इसे कोविन पोर्टल पर लिस्टेड करने की मंजूरी भी मिल गई है.
अब कोविन पोर्टल पर भारत बायोटेक की कोवैक्सीन (Covaxin) और iNCOVACC, सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड (Covishield) और कोवोवैक्स (Covavax), रूस की स्पूतनिक वी (Sputnik V) और बायोलॉजिकल ई लिमिटेड की कोर्बीवैक्स (Corbevax) लिस्टेड है.
नेजल वैक्सीन कितनी खास है? कौन लगवा सकेगा इसे? कैसे लगेगी? नेजल वैक्सीन काम कैसे करती है? जानें इसके बारे में सबकुछ...
1. क्या है ये वैक्सीन?
- इस वैक्सीन को भारत बायोटेक और अमेरिका की वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी ने मिलकर बनाया है. इसे पहले BBV154 नाम दिया गया था. अब इसे iNCOVACC नाम दिया गया है.

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