
CBI जांच की निगरानी को रिटायर्ड जजों की समिति बनाने की मांग... कोलकाता रेप एंड मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज
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सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई 20 अगस्त की वाद सूची के अनुसार, पीठ में मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा शामिल होंगे. मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था. इसके अलावा डॉक्टरों की संस्थानों ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की हैं.
कोलकाता रेप एंड मर्डर केस के बाद से देशभर के लोगों में रोष है. सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सोमवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदपी घोष से करीब 13 घंटे तक पूछताछ हुई. डॉक्टर अब भी हड़ताल पर बैठे हुए हैं. कोलकाता में प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने आज स्वास्थ्य भवन तक मार्च करने का आह्वान किया है. वहीं आज मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी है. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस घटना का स्वत: संज्ञान लिया था और मंगलवार को सुबह 10:30 बजे सुनवाई के लिए मामले को वाद सूची में सबसे ऊपर रखा है.
शीर्ष अदालत देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों, खासकर डॉक्टरों की हड़ताल और उनकी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दे सकती है. वहीं जानकारों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से ठोस समाधान निकाले जाने के बाद डॉक्टर भी अपनी हड़ताल वापस ले सकते हैं.
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कोर्ट में स्वत: संज्ञान के बीच आवेदन दायर
दरअसल, मामले पर कोर्ट के स्वत: संज्ञान के बीच एक नया हस्तक्षेप आवेदन दायर किया गया है. एक वकील ने इसमें हस्तक्षेप करने की अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. याचिका में कहा गया है कि कानून तो है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका क्रियान्वयन नहीं हो रहा है. कार्यस्थलों पर विशाखा दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जाता. बलात्कार और हत्या के हर मामले में न्यायिक जांच होनी चाहिए, ताकि पक्षपात और दबाव से बचा जा सके और असली दोषियों को बचाया जा सके. याचिका में तीन सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति गठित करने की मांग की गई है जो मामले में सीबीआई जांच की निगरानी कर सके.
डॉक्टरों के संगठन फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कंसल्टेंट्स ऑफ इंडिया (एफएएमसीआई) और फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) तथा वकील विशाल तिवारी ने भी स्वप्रेरणा मामले में अंतरिम आवेदन दाखिल करके शीर्ष अदालत का रुख किया है.

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