
अमेरिका के समर्थन में आया अर्जेंटीना, ईरान के IRGC को घोषित किया आतंकी संगठन
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अर्जेंटीना का यह फैसला अमेरिका की नीति के अनुरूप माना जा रहा है. सरकार ने IRGC पर 1994 के AMIA बम धमाके में हिज्बुल्लाह को समर्थन देने का आरोप लगाया है. इस कदम से ईरानी सैन्य संगठन पर अब वित्तीय प्रतिबंध और सख्त कार्रवाई संभव होगी. इससे पहले अर्जेंटीना मैक्सिको के एक ड्रग कार्टेल को भी आतंकी घोषित कर चुका है.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अर्जेंटीना ने बड़ा कदम उठाया है. दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए ईरान के प्रमुख सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित किया है. मंगलवार को राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि की गई.
दरअसल, IRGC ईरान की एक विशेष सैन्य इकाई है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में इस्लामी शासन व्यवस्था की रक्षा करना है. यह संगठन न केवल सैन्य बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी व्यापक रूप से सक्रिय है और ईरान की अर्थव्यवस्था के कई अहम क्षेत्रों पर इसका प्रभाव माना जाता है.
अर्जेंटीना ने यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब संयुक्त राज्य अमेरिका लगातार अपने सहयोगी देशों से IRGC के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की अपील कर रहा है. अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जावियर माइली के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह कदम देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति के तहत उठाया गया है.
सरकार का मानना है कि IRGC ने लेबनान के संगठन हिज्बुल्लाह को समर्थन दिया, जो अर्जेंटीना के इतिहास के सबसे बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा है. यह हमला साल 1994 में ब्यूनस आयर्स स्थित AMIA यहूदी कम्युनिटी सेंटर पर हुआ था. इस भीषण विस्फोट में 85 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे. अर्जेंटीना सरकार इस हमले के लिए हिजबुल्लाह को जिम्मेदार मानती है और IRGC पर इसके समर्थन का आरोप लगाती रही है.
सरकार के इस फैसले के बाद अब IRGC से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं पर वित्तीय प्रतिबंध लगाए जा सकेंगे. इसके अलावा उनकी गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी और नियंत्रण किया जाएगा. इससे अर्जेंटीना को आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने में और मजबूती मिलेगी.
गौरतलब है कि IRGC और हिज़्बुल्लाह को पहले ही अमेरिका और कई अन्य देश आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं. ऐसे में अर्जेंटीना का यह कदम वैश्विक स्तर पर ईरान के खिलाफ बढ़ते दबाव के रूप में देखा जा रहा है. इससे पहले अर्जेंटीना सरकार ने मैक्सिको के कुख्यात जालिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल को भी आतंकी संगठन घोषित किया था.

आज सबसे पहले हम आपको बताएंगे कि ईरान-अमेरिका युद्ध में आज की रात भयानक कैसे हो सकती है? पूरी आशंका है कि आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को बहुत बड़ा सरप्राइज दे सकते हैं. या फिर ईरान पूरी दुनिया को चौंका सकता है. इस समय ट्रंप की उंगली सरप्राइज बटन पर है, वो अभी तक अपने बयानों से लोगों को चौंका रहे हैं. हर बार उनका नया बयान लोगों के लिए एक सरप्राइज ही साबित हो रहा है. कभी वो कहते हैं कि उन्होंने ईरान को तबाह कर दिया है. कभी वो कहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह खुला है. कभी वो कहते हैं कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज नहीं खोला तो ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे. कभी वो कहते हैं कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है, फिर वो कहते हैं कि ईरान सीजफायर के लिए गिड़गिड़ा रहा है. फिर अचानक से कहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुले या बंद रहे अमेरिका इस युद्ध से बाहर हो जाएगा. एकदम से वो NATO और यूरोप के देशों पर भड़क जाते हैं. और कहते हैं कि NATO किसी काम का नहीं है, अमेरिका इससे अलग होने पर विचार करेगा.

ट्रंप जो पल में तोला, पल में माशा वाले बयान देते आ रहे हैं. सब जानना चाहते हैं कि जल्द ही ईरान से बाहर निकलने की बात करने वाले ट्रंप क्या वाकई युद्ध से बाहर निकलेंगे. वो क्या बोलेंगे. युद्ध खत्म करने को लेकर बोलेंगे? क्या युद्ध जल्द खत्म करने की डेडलाइन देंगे? क्या बताएंगे कि वो युद्ध से किस शर्त पर बाहर निकलेंगे? क्या ट्रंप का बयान उनका झुकना माना जाएगा? क्या ट्रंप ईरान की बात मान लेंगे?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस महायुद्ध में फिर दोहराया है कि 'हम बहुत जल्द ईरान से बाहर निकल जाएंगे,' लेकिन ट्रंप ने समय-सीमा नहीं बताई है. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका से सीजफायर की मांग की है. ईरान की नई लीडरशिप पहले के मुकाबले कम कट्टर और ज्यादा समझदार है. लेकिन हम तभी विचार करेंगे जब होर्मुज स्ट्रेट सबके लिए खुला रहेगा, वरना हम बड़ा हमला करेंगे. इस बीच ईरान ने फिर दावा किया है कि उसने अमेरिका से किसी तरह की सीजफायर की मांग नहीं की है. चौथी बड़ी खबर ये है कि ईरान के विदेश मंत्री ने साफ कह दिया है कि ईरान छह महीने लड़ने के लिए तैयार हैं. वहीं पांचवीं खबर NATO से जुड़ी हुई है. ट्रंप ने कहा है कि हम नाटो से निकलने के बारे में विचार कर रहे हैं. ट्रंप ने चिढ़ाते हुए कहा है कि नाटो कागजी शेर है.

ईरान ने कल कहा था कि वो खाड़ी देशों में अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर हमला करेगा. उसने ऐसा करना शुरू भी कर दिया है बहरीन में Amazon के क्लाउड कंप्यूटिंग सेंटर को ईरानी हमले में नुकसान पहुंचा है. ईरान की तरफ से सभी खाड़ी देशों में अमेरिका की 18 बड़ी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी थी. इसके जवाब में अमेरिका ने कहा था कि वो तैयार है अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों की सुरक्षा करेगा.

दुनिया ने काउंटडाउन शुरू कर दिया है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप युद्ध पर बड़ा ऐलान कर सकते हैं. भारतीय समय के मुताबिक कल सुबह साढ़े 6 बजे ट्रंप अमेरिका के लोगों के लिए राष्ट्र के नाम संदेश देंगे. ट्रंप का ये संदेश बेहद अहम हो सकता है क्योंकि उन्होंने कह दिया है कि 2 से 3 हफ्तों में ईरान युद्ध से अमेरिका निकलने वाला है. ट्रंप ने ये संकेत भी दिया है कि ईरान के साथ डील हो या नहीं हो, वो युद्ध को रोक देंगे. लेकिन क्या ट्रंप जो कह रहे हैं, वही सच होगा? बीते 1 महीनों में युद्ध पर ट्रंप ने कई बार सरप्राइज दिए हैं. क्या ईरान युद्ध से निकलने की ये टाइमलाइन भी कोई रणनीति है? सवाल ये भी है कि क्या अब ईरान युद्ध को रोकेगा? क्योंकि ईरान की चेतावनी बेहद गंभीर है.

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अर्जेंटीना का यह फैसला अमेरिका की नीति के अनुरूप माना जा रहा है. सरकार ने IRGC पर 1994 के AMIA बम धमाके में हिज्बुल्लाह को समर्थन देने का आरोप लगाया है. इस कदम से ईरानी सैन्य संगठन पर अब वित्तीय प्रतिबंध और सख्त कार्रवाई संभव होगी. इससे पहले अर्जेंटीना मैक्सिको के एक ड्रग कार्टेल को भी आतंकी घोषित कर चुका है.




