
Aamir Khan ने नहीं देखी Sandeep Reddy Vanga की एनिमल-कबीर सिंह, डायरेक्टर के कमेंट का दिया जवाब
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'एनिमल' डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ने, किरण राव के एक बयान पर रियेक्ट करते हुए कहा था कि उन्हें अपने पूर्व पति आमिर खान का पीछा काम देखना चाहिए. अब अपनी फिल्म 'लापता लेडीज' प्रमोट कर रहे आमिर खान ने वांगा की फिल्मों के हिट होने पर बात की.
फिल्ममेकर किरण राव और 'एनिमल' डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा का नाम हाल ही में लगातार खबरों का हिस्सा बना रहा. वांगा ने किरण के एक पुराने बयान को लेकर उनके पूर्व पति आमिर खान पर निशाना साधा था. किरण ने कुछ महीने पहले बॉलीवुड फिल्मों में 'स्टॉकिंग को ग्लोरिफाई करने' की आलोचना करते हुए, संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म 'कबीर सिंह' का नाम लिया था.
वांगा ने अपने एक हालिया इंटरव्यू में इस बयान को लेकर किरण राव के बयान पर रियेक्ट करते हुए कहा था कि उन्हें ये देखना चाहिए कि आमिर अपनी फिल्म 'दिल' और 'खंभे जैसी खड़ी है' गाने में क्या कर रहे थे. किरण ने वांगा के बयान पर रियेक्ट करते हुए कहा था कि वांगा को अगर आमिर के पिछले काम से दिक्कत है तो वो सीधा आमिर से ही बात करें.
अब आमिर खान ने वांगा की फिल्मों और हिंसक फिल्मों के हिट होने पर बात की है. बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर, इन दिनों अपने प्रोडक्शन हाउस में बनी फिल्म 'लापता लेडीज' को प्रमोट कर रहे हैं, जिसे उनकी एक्स वाइफ किरण राव ने डायरेक्ट किया है.
एनिमल-कबीर सिंह पर बोले आमिर खान न्यूज 18 के एक इंटरेक्शन का हिस्सा बने आमिर से पूछा गया कि उनकी फिल्म 'लापता लेडीज' में एक फेमिनिस्ट एंगल है लेकिन आजकल एनिमल-कबीर सिंह जैसी फिल्में चल रही हैं. उनमें जिस तरह की हिंसा है और महिलाओं को जिस तरह दिखाया गया है, क्या उससे लगता है कि ऑडियंस दूसरी दिशा में जा रही है?
इसका जवाब देते हुए आमिर ने कहा, 'ऑडियंस हर किस्म की फिल्म देखती है. आपको एक फिल्म पसंद आती है इसका मतलब ये नहीं कि आपको दूसरी नहीं पसंद आती. दर्शकों को हर तरह की फिल्म पसंद आती है.' संदीप रेड्डी वांगा की फिल्मों को लेकर आमिर ने कहा, 'जिन फिल्मों के नाम आपने लिए वो मैंने देखी नहीं, तो उनपर मैं कमेन्ट नहीं कर पाऊंगा.'
हर तरह की फिल्म पसंद करती है जनता ऑडियंस की चॉइस पर बात करते हुए आमिर ने आगे कहा, 'ऑडियंस के तौर पर कभी आपको कॉमेडी अच्छी लगती है, कभी एक्शन अच्छा लगता है. उसी ऑडियंस को कभी ड्रामा भी अच्छा लगता है. दर्शकों को अच्छी कहानियां अच्छी लगती हैं, उन्हें जॉनर से उतना फर्क नहीं पड़ता. अगर लोग किरदार से कनेक्ट कर रहे हैं तो फिर आपको वो फिल्म पसंद आती है.'













