
'800 डिग्री सेल्सियस का तापमान', रूस पर जिस बम के इस्तेमाल का आरोप, वो Phosphorous Bomb कितना खतरनाक?
AajTak
What is Phosphorous Bomb: यूक्रेन ने रूस पर व्हाइट फॉस्फोरस बमों को इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. ये बहुत खतरनाक बम होते हैं जिसकी चपेट में आने से इंसान बुरी तरह जल जाता है और उसकी मौत भी हो सकती है. इन बमों को युद्ध में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन रिहायशी इलाकों में इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध है.
What is Phosphorous Bomb: रूस और यूक्रेन में जारी जंग को तीन हफ्ते पूरे हो गए हैं. इतने दिनों से जारी जंग अब तक किसी अंजाम पर नहीं पहुंच सकी है. इसी बीच यूक्रेन का आरोप है कि रूस ने उसके खिलाफ फॉस्फोरस बम का इस्तेमाल किया है. ये बहुत ही खतरनाक बम है और इसकी चपेट में आने के बाद किसी के बचने की गुंजाइश न के बराबर होती है.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यूक्रेन की मानवाधिकार संस्था ने दावा किया है कि रूस ने पूर्वी लुहांस्क के पोपास्ना शहर में रात में व्हाइट फॉस्फोरस बम का इस्तेमाल किया है. उन्होंने कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं. जंग में फॉस्फोरस बम का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन रिहायशी इलाकों में इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध है.
क्या है फॉस्फोरस बम?
- फॉस्फोरस एक केमिकल होता है, लेकिन इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. हालांकि, रिहायशी इलाकों में इस बम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है.
- फॉस्फोरस का कोई रंग नहीं होता है, लेकिन कई मौकों पर ये हल्का पीला दिखता है. ये एक मोम जैसा पदार्थ होता है जिससे लहसुन जैसी गंध आती है. ये ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर जलता है.
ये भी पढ़ें-- Nuclear War: आधे घंटे में 10 करोड़ मौतें होंगी, 18 हजार साल पीछे चली जाएगी दुनिया, जानें परमाणु युद्ध हुआ तो क्या होगा?

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.

हिज्बुल्लाह ने इजरायली सेना पर जबरदस्त रॉकेट हमला किया है. हिजबुल्लाह प्रवक्ता ने कहा है कि हमने दुश्मन पर कई रॉकेट दागे हैं. उन्होंने कहा कि आज सुबह ये हमला लेबनान की सुरक्षा के लिए किया गया. इजरायल ने भी माना है कि हाइफा में कई रॉकेट दागे गए, लेकिन इजरायल का दावा है कि हमने ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया. देखें वीडियो.

तेल अवीव में मची तबाही का ड्रोन फुटेज सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि मंगलवार की सुबह जब दुनिया की नजरें ट्रंप के '5-दिन के युद्ध विराम' के दावों पर टिकी थीं, ठीक उसी वक्त ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने तेल अवीव की सुरक्षा दीवार को चकनाचूर कर दिया. ताजा ड्रोन फुटेज ने इस हमले की भयावहता की गवाह दे दी है. देखें वीडियो.







