
60 लाख यहूदियों की हत्या, औरतों के साथ बर्बरता... इसलिए नाजियों को पसंद नहीं करती दुनिया
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कनाडाई संसद में पूर्व नाजी सैनिक के सम्मान को लेकर बवाल खड़ा हो गया है. इसके बाद कनाडा के स्पीकर को भी माफी मांगनी पड़ी है. पर नाजी सैनिकों ने ऐसा किया क्या था? जिससे उनसे दुनिया चिढ़ती है. जानते हैं...
कइयों को गैस चैम्बर में डाल दिया गया... कइयों को गोली मार दी गई... और कइयों को तब तक भूखा रखा गया, जब तक वो मर नहीं गए...
ये सब तब हुआ जब जर्मनी में एडोल्फ हिटलर का शासन था. वैसे तो जर्मनी में हिटलर का शासन 13 साल ही रहा, लेकिन इन सालों में उसकी नाजी सेना ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं. नाजी सैनिक इतने बेरहम थे कि उनमें इंसानियत बची ही नहीं थी. शायद यही वजह है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी दुनिया नाजियों को पसंद नहीं करती.
नाजियों से दुनिया किस हद तक चिढ़ती है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कनाडाई संसद में पूर्व नाजी सैनिक का सम्मान करने पर प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो चौतरफा घिर गए हैं.
दरअसल, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की कनाडा की संसद गए थे. उनके साथ 98 साल के यारोस्लाव हुन्का भी थे. हुन्का नाजी सैनिक रह चुके हैं. कनाडा के सांसदों ने दो बार हुन्का को स्टैंडिंग ओवेशन देकर सम्मानित किया. इस पर बवाल हो गया. बाद में संसद के स्पीकर को माफी मांगनी पड़ी.
नाजी मतलब क्या?
1914 से 1918 तक पहला विश्व युद्ध हुआ. इसमें जर्मनी और ऑस्ट्रिया-हंगरी ने मिलकर फ्रांस, रूस, ब्रिटेन, अमेरिका और उनके सहयोगियों के साथ लड़ाई लड़ी. इसमें जर्मनी की बुरी हार हुई.

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