
4600 लोगों का बसेरा चार मिनट में खाक... बांस या सस्ता चाइनीज नेट? हॉन्ग कॉन्ग में 65 मौतों का कौन जिम्मेदार
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हॉन्गकॉन्ग के उत्तरी ताई पो जिले में बुधवार को 35 मंजिला रिहायशी कॉम्प्लेक्स की इमारतों में आग लगी थी. ये टावर बांस की मचान से ढके हुए थे. हॉन्ग कॉन्ग में निर्माण और मरम्मत कार्यों में बांस की मचान का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है.
हॉन्गकॉन्ग में 26 नवंबर को अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी. इस आग में अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. लापता लोगों की संख्या भी 300 के आसपास बताई जा रही है. इसे शहर के इतिहास के सबसे भीषण अग्निकांड में से एक बताया जा रहा है.
यह घटना हॉन्ग कॉन्ग के ताई पो जिले में वांग फुक कोर्ट अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में हुई, जहां रेनोवेशन के दौरान आग लग गई. सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त नहीं होने की वजह से आग तेजी से फैली, जिसने कई इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया.
हॉन्ग कॉन्ग के ताई पोल जिले का यह कॉम्प्लेक्स 1983 में बना था. यह ताई पो का सबसे ऊंचा रिहायशी इलाका है. जहां कई आठ गगनचुंबी इमारतें हैं और लगभग 2,000 फ्लैट्स हैं. यह ताई पो का सबसे ऊंचा रिहायशी इलाका है, जहां 2021 की जनगणना के अनुसार 4,643 लोग रहते थे.
आग इतनी तेजी से कैसे फैली?
यह आग मुख्य रूप से वांग चेओंग हाउस से शुरू हुई और 4 से 7 ब्लॉक्स तक फैल गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉम्प्लेक्स की बाहरी दीवारों की मरम्मत चल रही थी. मरम्मत का यह काम कई महीनों से चल रहा था. इस वजह से सभी इमारतों पर बांस की स्कैफोल्डिंग लगी थी. हालांकि, सरकार ने मार्च 2025 से बांस स्कैफोल्डिंग पर प्रतिबंध लगाया था क्योंकि यह पूरी तरह से ज्वलनशील होता है.

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