
'21वीं सदी में बदले की बात करना...', अजित डोभाल ने ऐसा क्या कहा जिस पर भड़क गईं महबूबा मुफ्ती
AajTak
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के इतिहास के लिए ‘बदले’ से जुड़े बयान पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इस तरह की भाषा नफरत को बढ़ावा देती है और मुसलमानों के खिलाफ हिंसा को सामान्य बनाने का काम करती है, जिससे एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी पर सवाल उठते हैं.
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के उस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने इतिहास के लिए ‘बदले’ की बात कही थी. महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा नफरत को बढ़ावा देती है और मुसलमानों के खिलाफ हिंसा को सामान्य बनाने का काम करती है. उन्होंने कहा कि इससे एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी की भूमिका और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
महबूबा मुफ्ती ने साधा निशाना
महबूबा मुफ्ती ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अजित डोभाल जैसे उच्च पद पर बैठे अधिकारी, जिनकी जिम्मेदारी देश को आंतरिक और बाहरी साजिशों से बचाने की है, उन्होंने नफरत से जुड़ी एक सांप्रदायिक सोच का साथ चुना है और मुसलमानों के खिलाफ हिंसा को सामान्य बनाने की कोशिश की है.'
उन्होंने कहा, '21वीं सदी में सदियों पुरानी घटनाओं के नाम पर बदले की बात करना महज एक संकेत है, जो गरीब और अशिक्षित युवाओं को उकसाकर उस अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने के लिए प्रेरित करता है, जो पहले से ही हर तरफ से हमलों का सामना कर रहा है.'
अजित डोभाल ने क्या कहा?
दरअसल, यह पूरा विवाद उस बयान के बाद सामने आया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने दिल्ली में 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' के उद्घाटन समारोह में दिया था. अपने संबोधन में डोभाल ने कहा, 'आज का स्वतंत्र भारत हमेशा से उतना स्वतंत्र नहीं था, जितना अब दिखाई देता है. इसके लिए हमारे पूर्वजों ने बड़े बलिदान दिए. उन्होंने गहरे अपमान सहे और लंबे समय तक बेबसी के दौर देखे. कई लोगों को फांसी पर चढ़ाया गया. हमारे गांव जलाए गए. हमारी सभ्यता को नष्ट किया गया. हमारे मंदिरों को लूटा गया और हम मूक दर्शक बनकर देखते रह गए. यह इतिहास आज के भारत के हर युवा के सामने एक चुनौती रखता है, जिसके भीतर यह आग होनी चाहिए.'

दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाले संयुक्त राष्ट्र (UN) से रिटायर्ड डॉ. ओम तनेजा और डॉ. इंदिरा तनेजा को साइबर ठगों ने 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा. इस दौरान 14.85 करोड़ रुपये ठग लिए गए. इस बीच जब पीड़ित दंपति नजदीकी थाने पहुंचे, तो साइबर अपराधियों ने वीडियो कॉल पर दिल्ली पुलिस के SHO को ही धमका दिया.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के इतिहास के लिए ‘बदले’ से जुड़े बयान पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इस तरह की भाषा नफरत को बढ़ावा देती है और मुसलमानों के खिलाफ हिंसा को सामान्य बनाने का काम करती है, जिससे एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी पर सवाल उठते हैं.

महाराष्ट्र में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक लड़ाई तेज हो गई है. सभी राजनीतिक दल बड़े जोश और जुनून से चुनाव प्रचार कर रहे हैं. इसी बीच AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अकोला में एक बड़ी रैली की. इस जनसभा में उन्होंने देश में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर चर्चा की और कहा कि केवल वोटर बनने से मुसलमानों को कोई लाभ नहीं मिलेगा.

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बीजेपी पर आतिशी का वीडियो एडिट कर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश का आरोप लगाया है. मान ने कहा कि फॉरेंसिक जांच में साबित हो चुका है कि आतिशी ने आपत्तिजनक शब्द नहीं बोले. मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और पंजाब पुलिस जांच कर रही है. सीएम ने इसे झूठ और नफरत की राजनीति करार दिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान पावन श्री सोमनाथ मंदिर परिसर से पूरे देश को संबोधन दिया. उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत जय सोमनाथ के जयघोष के साथ की जिससे मंदिर परिसर गूंज उठा और श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई. पीएम मोदी ने बताया कि यह पर्व भारत की सनातन चेतना, सांस्कृतिक विरासत तथा आत्मसम्मान का प्रतीक है. उन्होंने इस पर्व को करोड़ों भारतीयों की आस्था, साधना और अटूट संकल्प का जीवंत प्रतिबिंब बताया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कच्छ-सौराष्ट्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में ट्रेड शो और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि 2026 में यह उनका पहला गुजरात दौरा है, जिसकी शुरुआत उन्होंने सोमनाथ भगवान के आशीर्वाद से की है. उन्होंने कहा कि गुजरात में हर तरफ विकास के साथ विरासत का मंत्र गूंज रहा है और वाइब्रेंट गुजरात केवल एक समिट नहीं, बल्कि उस विकास यात्रा का प्रतीक है जो एक सपने से शुरू होकर आज वैश्विक भरोसे में बदल चुकी है.







