
2 दिन की बारिश से बेहाल हुई दिल्ली, राजधानी में जलभराव ने ले ली 11 जानें
AajTak
28 जून को दिल्ली में मानसून ने दस्तक दी थी. महज दो दिन की बारिश में राजधानी का हाल बेहाल हो गया है. बता दें कि बारिश से संबंधित घटनाओं में 2 दिन में 11 लोगों की मौत हो गई, इसमें 6 लोगों ने शनिवार (29 जून) को अपनी जान गंवा दी.
देश की राजधानी दिल्ली में मानसून की दस्तक हो चुकी है. 2 दिन की बारिश में ही राजधानी का हाल बेहाल हो गया है. शनिवार (29 जून) को बारिश से संबंधित 6 मौतें हुईं, लिहाजा पिछले 2 दिनों में दिल्ली में बारिश से संबंधित घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या 11 हो गई है. बता दें कि शुक्रवार सुबह (28 जून) को दिल्ली में मानसून ने दस्तक दी. राष्ट्रीय राजधानी में पहले दिन 228.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो जून महीने में 1936 के बाद सबसे अधिक है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया, जिसमें अगले 2 दिनों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है. IMD के अनुसार शहर के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग वेधशाला में दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच 8.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि लोधी रोड वेधशाला में 12.6 मिमी बारिश दर्ज की गई.
पुलिस ने बताया कि शनिवार को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के बादली में पानी से भरे अंडरपास में 2 बच्चों की डूबने से मौत हो गई है. पिछले दिन भारी बारिश के कारण यह हिस्सा जलमग्न हो गया था. पुलिस के मुताबिक बादली की घटना दोपहर 2:30 बजे की है. शुरुआती जांच में यह घटना डूबने की लग रही है. पुलिस ने कहा कि मेट्रो के नजदीक अंडरपास में लगभग 2.5-3 फीट पानी भरा हुआ था. फायर ब्रिगेड ने तलाशी अभियान चलाया तो वह 2 बच्चों के शव बरामद हुए.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दिल्ली के ओखला अंडरपास में हुए जलभराव में फंसने से एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई. यहां 24 घंटे से भी अधिक समय से पानी भरा हुआ है. दिल्ली के जैतपुर के रहने वाले दिग्विजय कुमार चौधरी अपनी स्कूटी के साथ अंडरपास में भरे पानी में फंस गए थे. बुजुर्ग की मौत की पुष्टि दक्षिण पूर्वी जिले के डीसीपी राजेश देव ने की है. उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार की सुबह भारी बारिश के बीच वसंत विहार इलाके में एक निर्माण स्थल पर गिरी दीवार के मलबे से 3 मजदूरों के शव निकाले गए.
दो बच्चों समेत तीन की 28 जून को हुई थी मौत
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार (28 जून) को भी दो बच्चे उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में खेलते समय डूब गए थे. एक बच्चे की उम्र 8 साल तो दूसरे की 10 साल थी. पुलिस ने बताया कि यह घटना न्यू उस्मानपुर इलाके में पुस्ता नंबर 5 के पास 5 फुट गहरे गड्ढे में हुई, जो बारिश के कारण पानी से भर गया था. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और लड़कों को निकालाा, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









