
1000 मिसाइलें, ड्रोन, डेढ़ लाख लड़ाके... कितने पावरफुल हैं हूती जिन्होंने अमेरिका से छेड़ी जंग
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बताया जाता है कि हूती विद्रोहियों के पास करीब 1 से 1.5 लाख लड़ाके हैं. इनके पास कई खतरनाक हथियार भी हैं, जिनमें ड्रोन और मिसाइल शामिल हैं. कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हूतियों के पास एक हजार से ज्यादा ईरानी मिसाइल हैं और हूती विद्रोहियों को हिज्बुल्लाह ट्रेनिंग भी देता है.
यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में अमेरिका से सीधी लड़ाई छेड़ दी है. बीते शनिवार से सोमवार तक अमेरिका ने हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की, जिसमें कई लोग मारे मारे गए. मंगलवार को हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने पिछले 48 घंटों में अमेरिकी युद्धपोतों पर तीन बार हमला किया. इसी बीच एक सऊदी मीडिया आउटलेट ने बताया कि अमेरिकी नेवी ने लाल सागर में ईरानी टोही जहाज जाग्रोस को डूबो दिया है.
अमेरिका और हूती के बीच छिड़ी इस सीधी लड़ाई में हूती विद्रोही कहां ठिकते हैं और कितने ताकतवर हैं. बताया जाता है कि हूती विद्रोहियों के पास करीब 1 से 1.5 लाख लड़ाके हैं. इनके पास कई खतरनाक हथियार भी हैं, जिनमें ड्रोन और मिसाइल शामिल हैं. कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हूतियों के पास एक हजार से ज्यादा ईरानी मिसाइल हैं और हूती विद्रोहियों को हिज्बुल्लाह ट्रेनिंग भी देता है.
'बच्चों को भर्ती करता है हूती'
US के मुताबिक, हूती विद्रोही अपने गुट में बच्चों की भी भर्ती करता है. 2020 की लड़ाई में 15 सौ से ज्यादा बच्चे मारे गए थे. इससे दो साल पहले एक रिपोर्ट में बताया गया था कि ईरान हूती विद्रोहियों को मिसाइल दे रहा है जो कि इंटरनेशनल कानूनों का सीधा उल्लंघन है. हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था.
साथ ही अमेरिका और सऊदी अरब आरोप लगाते रहे हैं कि ईरान ने हूती विद्रोहियों को बैलिस्टिक मिसाइलें दी थी. उन्होंने ये भी दावा किया कि इन्हीं मिसाइलों से हूती विद्रोहियों ने साल 2017 में रियाद पर हमला किया था, लेकिन इन सभी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया था. ईरान पर हूती विद्रोहियों को क्रूज मिसाइल और ड्रोन देने का आरोप भी लगता है. हूती विद्रोहियों के पास कम रेंज वाली मिसाइल भी हैं.
इंटरनेशनल शिपिंग्स पर 100 से ज्यादा हमले

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. कई टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बाद भी ईरान, अमेरिका और इजरायल पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ना तो ईरान के तेवर कमजोर पड़ रहे और ना ही NATO और दुनिया के तमाम देश ट्रंप का साथ दे रहे. सवाल है क्या ईरान को हराना ट्रंप के लिए 'नाक की लड़ाई' बन गई है? देखें हल्ला बोल.

ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है और ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद ब्रिटेन के सैन्य बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर दो लॉन्ग रेंज मिसाइलों से हमला किया है. हम आपको बता दें कि ईरान से दिएगो गार्सिया की दूरी करीब 4 हजार किलोमीटर है. ईरान ने दिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जिसमे एक को बीच में ही नष्ट करने का दावा किया जा रहा है.











